नई दिल्ली- शतरंज खिलाड़ी के इस फैसले ने दुनिया को कर दिया हैरान, देशवासियों को है नाज

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : भारत की शतरंज स्टार सौम्या स्वामीनाथन ईरान के हमदान में होने वाले शतरंज ईवेंट से बाहर हो गई हैं। आप सोच रहे होंगे की आखिर जो टूर्नामेंट 26 जुलाई से 4 अगस्त के बीच होना है , उसमें ऐसा क्या हो गया जो सौम्या जैसी हुनरबाज खिलाड़ी को बाहर होना पड़ा। फिलहाल सौम्या जैसी टैलेंटेड खिलाड़ी के फैंसले ने देश ही नही बल्कि दुनिया की सभी महिलाओं  के लिए एक नजीर पेश की है। सौम्या का यह फैंसला दकियानुसी सोच पर करारा तमाचा है।

Soumya Swaminathan

हिजाब के चक्कर से हुई प्रतियोगिता से बाहर

दरअसल भारत की नंबर 5 महिला शतरंज खिलाड़ी 29 वर्षीया सौम्या के बाहर होने की वजह एक हिजाब है। सौम्या महिलाओं के लिए ईरान में सिर पर स्कार्फ (हिजाब) के नियमों के चलते इस आयोजन से बाहर हो गई हैं।

जिस एशियन नेशनल कप चैस चैंपियनशिप में सौम्या को भाग लेना था उसमें सभी महिलाओं के लिए यह नियम है कि वे सिर पर स्कार्फ पहन कर ही खेल सकती हैं। ऐसे में सौम्या ने इस नियम को उनके निजी अधिकार का उल्लंघन बताया और इस इवेंट में हिस्सा ना लेने का फैसला कर लिया।

हिजाब या बुर्खा पहनने के लिए नही कर सकता कोई बाध्य

महिला ग्रैंडमास्टर और पूर्व जूनियर गर्ल्स चैस चैंपियन सौम्या स्वामीनाथन ने फेसबुक पर इस नियम के खिलाफ अपनी राय रखते हुए लिखा कि मैं आगामी एशियन नेशनल कप चैस चैंपियनशिप 2018 में भाग लेने वाली महिला टीम से माफी चाहती हूं। 26 जुलाई से 4 अगस्त के बीच ईरान में होने वाले इस टूर्नामेंट में महिलाओं से सिर पर स्कार्फ पहने के लिए कहा जा रहा है। मैं नहीं चाहती कि कोई हमें स्कार्फ या बुरखा पहनने के लिए बाध्य करे।

सौम्या ने लिखा है कि मैंने पाया कि ईरान में सिर पर अनिवार्य स्कार्फ या बुर्का का नियम मेरे मानवीय अधिकारों का खासतौर पर फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन, फ्रीडम ऑफ थॉट, मेरी चेतना और मेरे धर्म का उल्लंघन है। इस स्थिति में अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मेरे पास एक ही रास्ता बचा था कि मैं ईरान न जाऊं।

सौम्या स्वामीनाथन ने यह भी कहा कि आयोजकों की नजर में नेशनल टीम के लिए ड्रेस कोड लागू करना गलत है। खेलों में किसी तरह का धार्मिक ड्रेस कोड लागू नहीं किया जा सकता।