VIDEO- नई दिल्ली: जब फूट-फूट कर रोने लगी केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, देखने वाले देखते रह गए

810
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: दुनिया के तमाम झंझावातों से दूर एक घर ही वो जगह होती है जहाँ कदम रखते ही सूकुन का एहसास होता है। फिर चाहे आम व्यक्ति हो या खास, हर किसी के लिए अपना घर बेहद खास होता है। आप कहेंगे आखिर हम घर की बात क्यों कर रहे हैं। दरअसल घर से जुड़ी ऐसी ही कहानी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की भी है।

कुछ इस तरह पुराने घर को देखकर रो पड़ीं केन्द्रीय स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ”होम” कैप्शन से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह अपने पुराने यादों को साझा कर रही हैं। स्मृति ईरानी उस वक्त काफी भावुक हो गईं, जब वह करीब 35 साल बाद गुड़गांव की उन पुरानी गलियों में पहुंचीं, जहां एक समय वह रहा करती थीं। एक अन्य ट्वीट में स्मृति ईरानी कहती हैं कि होम से मुंबई तक समय बदला, घर भी बदले। मगर रिश्ते और यादें आज भी कायम हैं।

VIDEO: अपने पुराने घर को देखकर बह निकले केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के आंसू

“क्योंकि सास भी कभी बहू थी” से “होम” तक का सफर

जानकारी के मुताबिक, केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का यह वीडियो एकता कपूर की नई वेब सीरीज “होम” के प्रमोशन का हिस्सा है। यही वजह है कि इसी के तहत स्मृति ईरानी ने अपने पुराने घर की यादों को शेयर किया है। यह वेब सीरीज अल्ट बालाजी डिजिटल एप पर 21 सितंबर से रिलीज होगा। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरूवात एकता कपूर के टीवी सीरियल्स ‘क्‍योंकि सास भी कभी बहू थी’ से की थी, जिसमें वह तुलसी विरानी के किरदार में नजर आई थीं। ऐसे में एक बार फिर एकता कपूर के साथ उन्होंने पुराने रिश्तों को ताजा किया है।

जब निकल पड़े स्मृति ईरानी के आंसू

करीब 35 साल पहले गुड़गांव के जिस इलाके में स्मृति ईरानी रहा करती थी , वर्षों बाद वहां का नजारा देखकर उनकी आंखों में आंसूओं की धार बह निकली। स्मृति ईरानी ने जिस जगह पर अपना बचपन गुजारा था , भले ही आज वहाँ घर मौजूद नही है लेकिन उस जगह का एक-एक कोना स्मृति ईरानी के दिलोदिमाग में रचा बसा है।

वीडियो में वह अपने पड़ोसियों के साथ दिखती हैं। वह अपने पड़ोसियों के साथ अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुई दिखती हैं। वह अपने साथ गये लोगों को बताती हैं कि यहां उनका घर हुआ करता था मगर अब सब बदल गया। भावुक होकर वह कहती हैं कि उन्हें उनका घर कभी इतना बड़ा लगता था कि उनसे झाड़़ू पोछा भी जल्दी नहीं हो पाता था। काफी कठिनाई महसूस होती थी। वह अपनी पुरानी यादों को साझा कर कहती हैं कि एक बार उनकी वजह से स्टोर रूम में आग लग गई थी। इस दौरान कभी उनकी आंखों में आंसू होते तो कभी बचपन की यादों को याद कर उनके चेहरे पर गजब की खुशी झलकने लगती।

जब बोली स्मृति ईरानी- मेरे पास हैं 130 रूपये

आगे वह फिर अपनी गलियों में घूमती हैं, जहां उनका बचपन बीता था। वह अपनी उसी दुकान पर जाती हैं, जहां वह बचपन में जाया करती थीं और डॉल को निहारा करती थीं। वह एक दुकान पर जाती हैं और बुजुर्ग दुकानदार से कहती हैं कि आप मुझे यह डॉल दे दें, क्योंकि अब मेरे पास 130 रुपये हैं। फिर वह हंसने लगती हैं। इतना ही नहीं, वह गलियों में घूम-घूम कर स्ट्रीट फूड्स का भी आनंद लेती दिख रही हैं।