नई दिल्ली- एक्टिंग से राजनीति में कुछ ऐसे हुई स्मृति ईरानी की शुरूवात, जानिये केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी का राजनीतिक सफरनामा

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नई दिल्ली- बतौर राज्यसभा सांसद मोदी सरकार में कपड़ा मंत्री के रूप में काबिज स्मृति ईरानी भारतीय जनता पार्टी की उन चुनिंदा वूमेन लीडर में से एक हैं जिन्होंने अभिनय की दुनिया से आकर राजनीति में अपने हुनर को साबित किया। हालाकि Smriti Irani कई बार खुद से जुडे़ विवादों के चलते विरोधियों के निशाने पर रही लेकिन हर बार अपने ही चिर परिचित अंदाज में स्मृति ने विरोधियों की बोलती बंद कर दी। आइये जानते हैं Smriti Irani के व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी ही रोचक बातें जिनके चलते आज स्मृति ईरानी मोदी सरकार में एक सशक्त मंत्री के रूप में काबिज हैं।

पीएम मोदी के साथ स्मृति ईरानी (फाईल फोटो)

स्मृति ईरानी का जन्म और परिवार के लोग

स्मृति ईरानी का जन्म 23 मार्च, 1976 को दिल्ली में हुआ था । इनका सम्बन्ध पंजाबी-बंगाली पृष्ठभूमि है। इनका पूरा नाम स्मृति ज़ुबिन ईरानी है । साल 2001 में स्मृति ने शादीशुदा जुबिन ईरानी पारसी से शादी की। उसी वर्ष उन्हें एक बेटा हुआ, जिसका नाम ‘जौहर’ है। सितंबर 2003 में उन्हें एक बेटी हुई, जिसका नाम ‘जोइश’ है। वे ‘शेनियल’ की सौतेली माँ भी है जो उनके पति जुबिन ईरानी और उनकी पूर्व पत्नी मोना ईरानी की पुत्री है।

कैसे हुई Smriti Irani की राजनीति में शुरूवात

Smriti Irani साल 2003 में भाजपा में शामिल हुईं। 2004 के आम चुनाव में चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से कपिल सिब्बल के ख़िलाफ़ चुनाव स्मृति को हार का सामना करना पड़ा था। साल 2004 में इन्हें महाराष्ट्र यूथ विंग का उपाध्यक्ष बनाया गया। इन्हें पार्टी ने पांच बार केंद्रीय समीति के कार्यकारी सदस्य के रुप में मनोनीत किया और राष्ट्रीय सचिव के रुप में भी नियुक्त किया। साल 2010 में स्मृति ईरानी को भाजपा महिला मोर्चा की कमान सौंपी गई।

स्मृति ईरानी

साल 2011 में स्मृति गुजरात से राज्यसभा की सांसद चुनी गई। इसी वर्ष इनको हिमाचल प्रदेश में महिला मोर्चे की भी कमान सौंप दी गई। साल 2014 लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र से राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ चुनाव मैदान में उतरी परंतु यहां भी इन्हें हार का सामना करना पड़ा। साल 2014 में स्मृति ईरानी को राज्य सभा की सदस्य होने के नाते भारत सरकार में ‘मानव संसाधन विकास मंत्री’ बनाया गया था। वर्तमान में स्मृति ईरानी केन्द्रीय कपड़ा मंत्री के पद पर कार्यरत हैं।

एक्टिंग के फील्ड स्मृति ईरानी ने पाया मुकाम

राजनीति में आने से पहले अभिनय के क्षेत्र में Smriti Irani ने अपने करियर की राह को आगे बढाया। 1998 में ‘फेमिना मिस इंडिया सौंदर्य प्रतियोगिता’ के फ़ाइनल में पहुंची थीं, किन्तु विजेता नही बन पायी। साल 2000 में टेलीवीजन सीरियल ‘हम है कल आज कल और कल’ के साथ अपने करियर की शुरुआत करने वाली स्मृति ने एकता कपूर के सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में प्रमुख रोल निभाया । इसके साथ ही स्मृति हिन्दुस्तान के हर घर में एक चिरपरिचित अदाकार बन गई।

Smriti Irani

साल 2001 में Smriti Irani ने जीटीवी पर प्रकाशित रामायण में सीता का किरदार निभाया था। साल 2006 में स्मृति ने बालाजी टेलीफिल्मस के अंतर्गत थोड़ी सी ‘ज़मीन और थोड़ा सा आसमान’ टीवी सीरियल को सह निदेशक की भूमिका अदा की है। साल 2008 में Smriti Irani  ने नृत्य पर आधारित टीवी सीरियल ‘ये है जलवा’ को साक्षी तँवर के साथ होस्ट किया था।

Smriti Irani ने पांच सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए भारतीय टेलीविजन अकादमी अवार्ड, चार इंडियन टेली अवार्ड और आठ स्टार परिवार पुरस्कार जीत चुकी हैं। साल 2001 में उन्होने जीटीवी पर प्रसारित रामायण में सीता का किरदार निभाया था। साल 2006 में उन्होने बालाजी टेलीफिल्मस के अंतर्गत ‘थोड़ी सी जमीन और थोड़ा सा आसमान’ टीवी सीरियल में सह निदेशक की भूमिका अदा की। स्‍मृति को हिन्‍दी, अंग्रेजी, बंगाली, गुजराती , बंगाली और मराठी भाषाएं आती हैं। साल 2008 में उन्होंने डांस पर आधारिक टीवी सीरियल ‘ये हैं जलवा’ को साक्षी तनवर के साथ होस्ट किया।

स्मृति ईरानी से जुड़े विवाद

मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में नियुक्ति के अवसर पर विपक्षी दलों और मीडिया ने Smriti Irani को उनकी शैक्षणिक योग्यता के संबंध में आड़े हाथों लिया। विपक्षी दलों और मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया कि स्मृति ईरानी ने चुनावी हलफनामे में अपनी शैक्षणिक योग्यता से गुमराह किया है। इस नाते वह एचआरडी मंत्री बनने की पात्र नही हैं। दरअसल स्मृति ने 2004 और 2014 के आम चुनावों में शैक्षिक योग्यता के बारे में दो विरोधाभासी घोषणाएं की थी।

2004 में, Smriti Irani ने एक हलफनामे में कहा था कि उन्हें 1996 में स्कूल ऑफ कॉरस्पोन्डेंस, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त हुई थी। लेकिन 2014 के आम चुनाव में, जब उसने कांग्रेस के राहुल गांधी के खिलाफ यूपी के अमेठी सीट पर चुनाव लड़ा था, तब उन्होंने घोषणा करते हुए कहा था कि उन्हें 1 99 4 में बैचलर ऑफ कॉमर्स पार्ट -1 की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय से मिली। एक नया अध्याय विवाद में जोड़ा गया जब Smriti Irani ने कहा कि उन्हें अमेरिका के प्रसिद्ध येल विश्वविद्यालय से डिग्री भी मिली थी। हालाकि अपनी सफाई में स्मृति ने कहा था कि जिन लोगों को उनके नेतृत्व क्षमताओं और उनके शैक्षिक पोर्टफोलियो के बारे में कोई शक है, वे एक जनहित याचिका दायर कर सकते हैं और शपथ पत्र के पीछे सच्चाई पा सकते हैं।