स्मृति से नाराज मोदी ने उठाया ये बड़ा कदम, वजह जानेंगे तो उड़ जाएंगे आपके होश

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : साल 2019 को लोकसभा चुनावों से पहले एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कैबिनेट में बड़ा फरेबदल करते हुए स्मृति ईरानी से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय वापस ले लिया है। ईरानी के हाथ से जब से यह मंत्रालय सौंपा गया था तब से ही यह अक्सर चर्चा का विषय बना रहता था। सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप मेंं ईरानी के कार्यकाल के दौरान बहुत से ऐसे कदम उठाए गए और फैसले लिए गए थे, जिसके कारण यह मंत्रालय विवादों में आया था। आखिराकर ईरानी से इसे वापस ले ही हलया गया। केंद्र सरकार के इस बड़े कदम के पीछे पांच मुख्य कारण हो सकते हैं। हम आपको उन पांच बडे विवादों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी वजह से ईरानी के हाथ से मंत्रालय फिसल गया। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

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2015 में वापस ले लिया गया था मानव संसाधन मंत्रालय

स्मृति ईरानी से सूचना प्रसारण मंत्रालय छीना जा चुका है। अब ईरानी के पास केवल कपड़ा विभाग बचा हुआ है। 2014 में जब मोदी सरकार आई थी, तब ईरानी को मानव संसााधन मंत्रालय सौंपा गया था, लेकिन विवादों की वजह से उनसे 2015 में ही मंत्रालय छीन लिया गया, जिसके बाद उन्हेंं कपड़ा मंत्रालय दिया गया, जिस पर वो अभी तक टिकी हुई हैं। इन सबके बीच ईरानी को सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय सौंपा गया, जिससे अब ईरानी की छुट्टी हो गई।

रा’यवर्धन सिंह राठौर संभालेंगे सूचना प्रसारण मंत्रालय

आपको बता दें कि सूचना प्रसारण मंत्रालय में ही रा’यमंत्री के रूप में काम देख रहे रा’यवर्धन सिंह राठौर ही अब पूरी तरह से सूचना प्रसारण मंत्रालय का कामकाज संभालेंगे, ऐसे में अब मोदी ने एक बार फिर से ईरानी को झटका दे दिया है। बता दें कि ईरानी को भले ही मोदी अपनी बहन मानते हों, लेकिन उनके इस तरह के फैसले से यह साफ हो जाता है कि उनके लिए काम से बढ़ा कुछ नहीं।

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फेक न्यूज

हाल ही में ईरानी ने फेक न्यूज चलाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने की बात कही थी, जिसको लेकर ईरानी को काफी ट्रोल भी किया था, लेकिन पीएम मोदी ने विवाद बढऩे के बाद ईरानी के इस फैसले को पलट दिया था। जिसके बाद से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि ईरानी से जल्द ही यह मंत्रालय भी छीना जा सकता है, और हुआ भी कुछ ऐसा ही। बता दें कि स्मृति जिस मंत्रालय में जाती है, वहां से विवाद जरूर शुरू होता है।

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कई विवादों से घिर चुकी हैं स्मृति ईरानी

बतौर शिक्षा मंत्री रहते हुए ईरानी कई विवादों से घिर चुकी हैं। पहले उनकी शिक्षा को लेकर सवाल खड़े किये गये तो फिर उन्हें फर्जी डिग्री को लेकर ट्रोल होना पड़ा। इतना ही नहीं, ईरानी जब तक शिक्षा मंत्री थी, तब तक अधिकांश यूनिवर्सिटी को विवादों से जूझना पड़ा था। फिर चाहे डीयू का फोर ईयर कोर्स या फिर रोहित वेमुल्ला का केस। इन सबके अलावा अलीगढ़ यूनिवर्सिटी, संस्कृत भाषा का विवाद। न जाने कितने विवादों से स्मृति ईरानी जूझ चुकी हैं।