…ऐसे देशों में कैसा होता है रमजान जहां सूरज ही नहीं निकलता ?

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नई दिल्ली – न्यूज टुडे नेटवर्क। इस्लामिक केलेंडर का 9वां और बेहद पाक महीना, रमजान शुरू हुए कई दिन हो गए हैं। ये महीना हर बुराई से दूर रह कर इबादत करने का महीना है। इस महीने में की गई नेकियों का महत्तव 70 गुना बढ़ जाता है।इसमें पूरे 30 दिन तक सूरज निकलने के बाद से सूरज छिपने तक कुछ खाया-पिया नहीं जाता। रमजान को तीन आशरे यानि हिस्सों में बांटा गया है। शुरू के 10 दिन रहमत, अगले 10 दिन मगफिरत यानि माफी और आखिरी 10 दिन जबन्नुम से अपने को बचाने, फितरा और जकात निकालने के होते हैं।

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क्या है रोजा

रमजान के पूरे महीने में हर रोज सुबह सूरज निकलने से पहले उठकर कुछ खाया-पिया जाता है, जिसे सहरी कहते हैं। इसके बाद पूरे दिन कुछ खाया या पिया नहीं जाता और इबादत की जाती है। इस दौरान नमाजें और कुरान पढ़ा जाता है। फिर शाम को सूरज निकलने के बाद खजूर खाकर रोजा खोला जाता है और कुछ भी खाया पिया जा सकता है, जिसे इफ्तार कहते हैं। इफ्तार के लिए घरों में खासी तैयारियां की जाती हैं। वहीं, मुस्लिम इलाकों में रमजान के महीने और सहरी व इफ्तार के वक्त एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है।

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जहां सिर्फ 55 से 105 मिनट के लिए छिपता है सूरज

सूरज छिपने और निकलने के वक्त के हिसाब से भारत में रोजा 15 घंटे से ज्यादा का हो रहा है। यानि 15 घंटे से ज्यादा वक्त बिना कुछ खाए या पिए गुजारा जाता है। लेकिन दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां सूरज ढलता ही नहीं और लोगों के पास सहरी या इफ्तार करने का वक्त ही नहीं होता। आर्कि्टक सर्कल में आने वाले देशों में 24 घंटे सूरज अपनी रोशनी बिखेरता रहता है। आर्कि्टक सर्कल के देशों में मौसम अगर गर्मी का है तो सूरज 55 से 105 मिनट तक के लिए छिपता है और सर्दियों में सूरज 55 से 105 मिनट तक के लिए निकलता है। इसमें नार्वे, लैपलैड, स्वीडन और फिनलैड जैसे देश आते हैं।

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यहां 24 घंटे का होता है रोजा

लैपलैेंड एक ऐसा ही देश है। यहां सूरज 24 घंटे निकला रहता है। इसके मुताबिक यहां रोजा तभी खत्म हो सकता है जब यह रमजान का महीना पूरा गुजर जाए। इसलिए यहां सहरी या इफ्तार का वक्त बराबर के मिडिल ईस्ट देश के हिसाब से तय किया जाता है। फिनलैंड में गर्मी के मौसम में सूरत अपनी रोशनी सिर्फ 73 दिनों तक बिखेेरता है और उत्तरी फिनलैंड के एक शहर रोवानेइमी में महज 55 मिनट के लिए सूरज छिपता है, जिससे रोजा 23 घंटे 5 मिनट का होता है। यहां सहरी और इफ्तार दोनों के लिए ही सिर्फ 55 मिनट होते हैं।

दुनिया में सबसे लंबा रोजा कहां है?

आइसलैंड के रिक्जेविक में, रोजे के महीने की शुरुआत में लगभग 21 घंटे 57 मिनट लंबा होगा।

दुनिया में सबसे छोटा रोजा कहां है?

सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में, रोजे का दिन रमजान की शुरुआत में लगभग 11 घंटे 24 मिनट लंबा होगा, जब उपवास 5.29 बजे शुरू होता है और 16:53 बजे समाप्त होता है.

 रमजान के आखिर में क्यों मनाते हैं ईद ?

दुनिया भर में मुस्लिम ईद अल-फ़ितर मनाते हैं, उपवास तोडऩे का उत्सव, जो रमजान के अंत को चिह्नित करता है। परंपरा के अनुसार यह पुरस्कार का दिन माना जाता हैं क्योंकि रोजा करने वाले सभी लोगों को इस दिन ईश्वर द्वारा पुरस्कृत किया जाता है। यह सवाल के नए इस्लामी महीने के पहले दिन गिरता है और इस दिन उपवास करने के लिए मना किया जाता है। ईद का जश्न मनाने के लिए इस्लामिक परंपरा है, और मण्डली में ईद की प्रार्थनाओं से पहले दान देना। कई मुसलमान उपहार देने, नए या साफ कपड़े पहने हुए और मित्रों और परिवार के दौरे से मनाते हैं।