हल्द्वानी- त्रिवेन्द्र सरकार पर जमकर बरसे हरीश रावत, बोले- फिर कोई दूसरा प्रकाश पाण्डे ना बने , हों ऐसे इंतजाम

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हल्द्वानी- ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डे की मौत के बाद प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। इस मामले में कांग्रेस पूरी तरह से बीजेपी पर हमलावर हो रही है तो बीजेपी कांग्रेस पर मौत पर सियासत करने का आरोप लगा रही है।

politicizing death of transporter
हॉस्पिटल में मृतक ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डे की पत्नी कमला पाण्डे का हालचाल जानने पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत

उधर गुरूवार को मृतक ट्रांसपोर्टर की पत्नी कमला पाण्डे की तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें हल्द्वानी के कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जैसे ही मृतक ट्रांसपोर्टर की पत्नी की तबियत खराब होने की जानकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगी तो हॉस्पिटल में भीड़ जुट गई। पीड़ित परिवार को ढांढस बधाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 हजार रूपये की मदद भी की।

कोई दूसरा प्रकाश पाण्डे ना बन जाये

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीजेपी सरकार पर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि मृतक ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डे ने जीएसटी और नोटबंदी की वजह से कारोबार में नुकसान की बात कही थी। अगर सरकार ने समय रहते प्रकाश पाण्डे की शिकायत पर गंभीरता दिखाई होती तो आज कारोबारी की मौत नही हुई होती।

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पूर्व सीएम हरीश रावत ने डॉ. जे.एस. खुराना से ट्रांसपोर्टर की पत्नी के ईलाज से जुडी जानकारी ली, साथ में कांग्रेसी नेता नारायण पाल

हरीश रावत ने त्रिवेन्द्र सरकार से राज्य में जीएसटी और नोटबंदी से पीड़ित कारोबारियों को चिह्नित करने के लिए सर्वे करने की मांग की है। ताकि समय रहते उनके समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि उसकी नीतियों की वजह से कोई दूसरा प्रकाश पाण्डे ना बन जाये, इसके लिए समय रहते ही सरकार कदम उठाये।

संवेदनहीन है ये सरकार

हरीश रावत ने ट्रांसपोर्टर की मौत को  संवेदनशीलता की मौत करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रकाश पांडे की मौत सरकार की लापरवाही और इलाज में देरी की वजह से हुई है, जिसकी जिम्मेदार बीजेपी की सरकार है। रावत ने कहा कि चाहे बीजेपी उनपर कितनी भी राजनीति करने का आरोप लगाती रहे लेकिन विपक्ष का काम ही ऐसे मामलों को उठाना है।

प्रशासन ने रखा जनभावनाओं का ध्यान

हरीश रावत ने कहा कि प्रशासन ने जनभावनाओं का ख्याल रखते हुए हर सम्भव कोशिश की। और पीड़ित परिवार के लिए 2 लाख रूपये की मदद की। ऐसे में सरकार को भी पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए। बता दें कि नैनीताल डीएम दीपेन्द्र कुमार चौधरी ने विधायक बंशीधर भगत के हवाले से पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से 10 लाख और पत्नी को संविदा में नौकरी देने की घोषणा की थी। लेकिन सरकार के स्तर से इस घोषणा को मंजूरी नही मिली।

ऐसे में एक बार भाजपा सरकार पर हमलावर होते हुए हल्द्वानी कांग्रेस ने 10 फरवरी तक मुआवजा नही मिलने की सूरत में 11 फरवरी से भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी है।