VIRAL VIDEO: पीलीभीत- गन्ना किसानों से गुस्से में यह क्या बोल गई मेनका गांधी, हुई किरकिरी

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पीलीभीत- न्यूज टुडे नेटवर्क: देश के अन्नदाता किसान की आय को 2022 तक दोगुना करने का दावा करने वाली केन्द्र की मोदी सरकार के दावे को उन्हीं के सांसद पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहाँ देश में किसान खेती में नुकसान की वजह से आत्महत्या करने को मजबूर हैं , ऐसे में पीलीभीत सांसद और केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी ने गन्ना किसानों को लेकर गैरजिम्मेदाराना बयान देकर खुद अपनी ही सरकार की किसान नीतियों की हवा निकाल दी है।

देखें वीडियो- गन्ना किसानों के दर्द को सुनकर आग बबूला हुई सांसद मेनका गांधी

नहीं है देश को चीनी की जरूरत- मेनका गांधी

दरअसल बीते दिनों बतौर सांसद मेनका गांधी अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में 2 दिवसीय दौरे पर पहुंची थी। सांसद को अपने क्षेत्र में पाकर फरियादियों और किसानों का तांता लग गया। इस दौरान जब एक गन्ना किसान से अपनी बदहाली का जिक्र किया तो सांसद मेनका गांधी का गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंच गया।

मेनका गांधी ने गन्ना किसान से यहाँ तक कह डाला कि “क्यों बार-बार आकर के मेरी जान खाते हो, ना देश को चीनी की जरूरत है और ना ही गन्ना कोई बढने वाला है। हजार दफा मैं बोल चुकी हूं कि गन्ना मत लगाओ।” सांसद के मुंह से अपनी रोजी-रोटी को लेकर ऐसी बातें सुनकर किसान भी भौचक्का रह गये। मगर करते क्या, सांसद तो सांसद ठैरी, उनके हुक्म के खिलाफ कौन जा सकता है।

अपनी ही सरकार की नीतियों की कर बैठी किरकिरी

गन्ना किसानों के प्रति सांसद मेनका गांधी के असंवेदनशील बयान ने पीलीभीत के गन्ना किसानों को रोष से भर दिया। गन्ना किसानों के मुताबिक तराई की जमीन गन्ने की खेती के लिए बहुत मुफीद है। ऐसे में गन्ना किसानों को बढावा देने के बजाय सांसद और केन्द्रीय मंत्री का यह बयान वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है।


यही वजह है कि किसान हितों के लिए लंबी -चौड़ी बातें कहने वाली केन्द्र सरकार की कथनी और करनी में साफ फर्क नजर आता है। उधर सांसद मेनका गांधी के विवादास्पद और असंवेदनशील बयान ने विपक्ष को भी हमला करने का मौका दे दिया है, वो बात अलग है कि कर्नाटक के सियासी घमासान में किसानों से जुड़ा यह मुद्दा राष्ट्रीय मीडिया की स्टूडियो चकल्लस से दूर ही है। हो भी क्यों ना अन्नदाता की फिक्र यहाँ है ही किसे ?