हल्द्वानी- पं. गोविन्द बल्लभ पंत के 131वें जन्मदिवस पर एकजुट हुआ हर कोई, संकल्प के साथ दी श्रद्धांजलि

305
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: भारत रत्न पंडित गोविन्दबल्लभ पंत के 131वें जन्म दिवस के अवसर पर तिकोनिया स्थित पंत पार्क में श्रद्वांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री बच्ची सिह रावत, नेता प्रतिपक्ष डॉ श्रीमती इन्दिरा हृदयेश, पूर्व केबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व केबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने पंत के चित्र पर माल्यापर्ण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर स्कूलों के छात्र- छात्राओं द्वारा देश भक्ति पर आधारित कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये।

कुछ इस तरह बीजेपी और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने दी पं. गोविन्द बल्लभ पंत को श्रद्धांजलि

पंडित पंत के आदर्शों को अपनाकर करनी होगी राष्ट्र सेवा

इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री बच्ची सिंह रावत ने पंडित पंत जी के जीवन परिचय को बताते हुए कहा कि पं. पंत जी, महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को देश की जनशक्ति में आत्मिक ऊर्जा का स्रोत मानते थे। पं. गोविन्द बल्लभ पंत जी आज भी प्रशासकों के आदर्श हैं। हमें पं. पंत जी के आदर्शों को अपनाते हुये राष्ट्र, समाज की सेवा के लिए तत्पर रहना होगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्वांजलि है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते स्कूली बच्चे

वहीं नेता प्रतिपक्ष डा. इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि पं. गोविन्दबल्लभ पंत का अपना ही एक अद्वितीय स्थान था। उनकी उपलब्धि चारों दिशाओं में प्रदर्शित होती हैं। वह कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। उनके प्रयासों से ही हमारे देश ने अनेक राष्ट्रों में एक ऊंचा स्थान प्राप्त किया औेर अपनी एकता और मूलभूत जीवन के मूल्यों को बनाये रखने में सफल हुआ है। पंडित पंत जी का जन्म दिवस तभी सफल एवं सार्थक होगा जब हम उनके मूल्यों का अनुकरण कर उनके मूल्यों एवं आदर्शो को विरासत के रूप में सुरक्षित रखे।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में समिति के प्रदेश संयोजक गोपाल रावत, संयोजक रेनू जोशी के अलावा डीके पंत डॉ. अनिल कपूर डब्बू , ध्रुव रौतेला, अशोक खुल्वे, जेडए वारसी, हेमन्त बगडवाल,तारा दत्त पाण्डे, हुकम सिह कुंवर, एनबी गुणवन्त, केदार पलडिया,विनोद दानी, जुगल किशोर पेटशाली,ममता दानी, लता कुंजवाल, गोविन्द टाकुली,विशाल नेगी, सुन्दर लटवाल, विकास सिजवाली, बिमला सांगुडी, मुकुल बलुटिया के अलावा बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।