नवरात्रि में जप लें रामचरित मानस की ये 10 चौपाई , जिनको जपने से संकट और विपत्तियां से हमेशा रहेंगी दूर

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : हिन्दू धर्म की पवित्र ग्रंथों में से एक है रामचरित मानस जिसे तुलसीदास जी ने लिखा। रामचरित मानस की हर एक चौपाई का मंत्र सिद्ध है जिन्हें सच्चे मन से पढऩें से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आपके अशुभ दिन चल रहे है। जिसके कारण आपको कई समस्याओं का सामना करना पड रहा है, तो इन मंत्रों के प्रभाव से आपके घर समृद्धि बनी रहेगी। इन मंत्रों का मनन करनें से सभी मनोकामनाएं पूरी होगी। जानिए रामायण के इन चैपाई मंत्रों के बारें में जिससे आपको रामायण कामधेनु की तरह मनोवांछित फल देती है। नवरात्रि में देवी के विभिन्न रूपों की अर्चना करके इच्छापूर्ति हेतु मंत्र प्रयोग किए जाते हैं। जो सर्वसाधारण के लिए थोड़े क्लिष्ट पड़ते हैं। नीचे दिए गए इन मंत्रों के प्रयोग से बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर की जा सकती हैं।

ramcharit manas

मनोकामना पूर्ति एवं सर्वबाधा निवारण हेतु

‘कवन सो काज कठिन जग माही।
जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।।’

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भय व संशय निवृत्ति के लिए

‘रामकथा सुन्दर कर तारी।
संशय बिहग उड़व निहारी।।’

अनजान स्थान पर भय के लिए मंत्र पढक़र रक्षारेखा खींचे

‘मामभिरक्षय रघुकुल नायक।
धृतवर चाप रुचिर कर सायक।।’

भगवान राम की शरण प्राप्ति हेतु

‘सुनि प्रभु वचन हरष हनुमाना।
सरनागत बच्छल भगवाना।।’

विपत्ति नाश के लिए

‘राजीव नयन धरें धनु सायक।
भगत बिपति भंजन सुखदायक।।’

रोग तथा उपद्रवों की शांति हेतु

‘दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा।।’

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आजीविका प्राप्ति या वृद्धि हेतु

‘बिस्व भरन पोषन कर जोई।
ताकर नाम भरत अस होई।।’

विद्या प्राप्ति के लिए

‘गुरु गृह गए पढऩ रघुराई।
अल्पकाल विद्या सब पाई।।’

संपत्ति प्राप्ति के लिए

‘जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख संपत्ति नानाविधि पावहिं।।’

शत्रुता नाश के लिए

‘बयरू न कर काहू सन कोई।
रामप्रताप विषमता खोई।।’

आवश्यकता के अनुरूप कोई मंत्र लेकर एक माला जपें तथा एक माला का हवन करें। जप के पहले श्री हनुमान चालीसा का पाठ कर लें तो शुभ रहेगा। जब तक कार्य पूरा न हो, तब तक एक माला (तुलसी की) नित्य जपें। यदि मंत्र का सम्पुट सुंदरकांड में करें तो शीघ्र तथा निश्चित कार्यसिद्धि होगी।