नैनीताल पुलिस ने धर दबोचा बिहार के “चेलवा बेलवा गैंग” का शातिर, खुला 20 लाख की मोबाइल चोरी का राज

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: संजय पाठक- करीब ढाई महीने पहले नैनीताल रोड स्थित मोबाइल शॉप से 20 लाख की कीमत वाले मोबाइलों पर हाथ साफ करने वाले गिरोह के एक सदस्य को आज पुलिस ने हल्द्वानी के रोडवेज स्टेशन से धर दबोचा। पुलिस ने पकड़े गये मोबाइल चोर की निशानदेही पर करीब 1 लाख 50 हजार के 3 मोबाइल भी बरामद किये हैं। हालाकि अब भी गैंग के बाकी सदस्य पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शातिर मोबाइल चोर को पकड़ने वाली जांच टीम को एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने 2500 रूपये का नकद ईनाम देने की घोषणा की है।

बता दें कि बीते 30-31 जनवरी की रात को नैनीताल रोड से सटी ठंड़ी सड़क में स्थित एच. पी. इन्टरप्राइजेज नाम की मोबाइल शॉप से एप्पल, ओपो, सैमसंग सहित कई ब्रांडेड कम्पनियों के 20 लाख की कीमत वाले स्मार्टफोन्स चोरी हो गये थे। जिसके बाद पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

पुलिस गिरफ्त में चेलवा बेलवा गैंग का शातिर मोबाइल चोर अनवर देवान (लाल घेरे में)

पहली बार पकड़ में आया चेलवा बेलवा गैंग का शातिर

आज पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में जानकारी देते हुए एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि चेलवा बेलवा गैंग का शातिर अपराधी है। पकड़ा गया आरोपी अनवर देवान पुत्र स्व. भिखारी देवान पहली बार पुलिस के शिकंजे में आया है। वह बिहार के चंपारण के मोहल्ला वीरता चैक, वार्ड नंम्बर-4 थाना घोडासहन का रहने वाला है।

एसएसपी ने बताया कि मोबाइल चोर गिरोह का संचालन बिहार के चंपारण से किया जाता है। ऐसे में अन्य वांछित अपराधियों की धरपकड़ को दबिश दी जा रही हैं। फिलहाल पकड़ में आये अनवर देवान से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि चेलवा बेलवा गिरोह के सदस्य चोरी किये गये मोबाइल फोन्स को नेपाल और बांग्लादेश में बेचते हैं।

एसएसपी जन्मेजय खंडूरी

बता दें कि मुताबिक चंपारण जिले के घोड़ा सहन नाम के गांव के करीब 150 लोगों ने चेलवा-बेलवा नाम से गैंग बना रखा है। गैंग का संचालन दो सगे भाई समीर और सलमान करते हैं। इस गैंग का आतंक पूरे देश में कायम है।

ऐसे करता है यह शातिर गैंग मोबाइल शॉप में हाथ साफ

पुलिस पूछताछ में पता चला है कि यह गेैंग नेट के माध्यम से आल इण्डिया में स्थित बडे-बडे मोबाइल शाप की जानकारी करते है और उन स्थानों में अपनी टीम के सदस्यों को रैकी करने हेतु भेजते हैं । गांव से एक साथ कई टीमें निकलकर अलग अलग राज्यों में चोरी हेतु रवाना होती है। इनके द्वारा शहर के जिस दुकान को टारगेट किया जाता है यह लोग 2-3 दिन उस दुकान में किसी न किसी बहाने जाते है और दुकान मालिक के आने-जाने व मोबाइलों को दुकान में रखने या साथ ले जाने की गतिविधि से पूर्ण रूप से वाकिफ होने पर इनके द्वारा घटना को रात्रि के तीसरे प्रहर में अंजाम दिया जाता है।

ये लोग दुकान के पास मुसाफिर बनकर चादरों की आड करके शटर को तोड कर जिसमें एक व्यक्ति जिसे यह प्लेयर के नाम से कहते हैं, वह दुकान में घुसकर केवल मंहगे मोबाइल पैकेट फाडकर अपने बैग में भर लेते है तथा सामान बटोरने तक अन्य साथी दुकान के बाहर दूर दूर खडे हो जाते हैं । काम पूरा होने के बाद इशारा मिलने पर बाहर खडे व्यक्ति अपने साथ लाये थैलों में अलग -अलग माल भरकर सीधे बिहार को चले जाते है ।

शहर से बाहर निकलने के बाद चोरी के माल की लिस्ट बनाकर एक व्यक्ति को माल मालवाहक बनाकर बिहार भेज देते हैं, जो वहां पर मोबाईल फाईनेंसर से मिलकर मोबाइलों को नेपाल बिकवा देता है। इस गैंग के कई लोग वर्तमान में छत्तीसगढ हरियाणा कोयम्बटूर,तमिलनाडृ,पश्चिम बंगाल,दिल्ली मध्य प्रदेश आदि की जेलो में भी बन्द हैं।

मोबाइल चोरी मामले में जांच को गठित पुलिस टीम-

  • के.आर.पाण्डे प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी
  • दिनेश पन्त प्रभारी एसओजी नैनीताल
  • प्रताप सिंह नगरकोटी उपनिरीक्षक हल्द्वानी
  • कुन्दन रौतेला उपनिरीक्षक हल्द्वानी
  • एएसआई सत्येन्द्र गंगोला एसओजी नैनीताल
  • कानि. चन्द्र शेखर मल्होत्रा एसओजी नैनीताल
  • कानि. पुष्कर रौतेला एसओजी नैनीताल
  • किशन चन्द्र शर्मा -सर्विलांस

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