जब दलित सांसदों की नाराजगी को लेकर मोदी ने जमकर लगाई योगी की क्लास

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : आम चुनाव होने में अब एक साल से भी कम समय बचा है, ऐसे में अब बीजेपी किसी भी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है, क्योंकि वो हरहाल में 2019 में सत्ता पर काबिज रहना चाहती है। इसके लिए पार्टी हाईकमान में टेंशन की लहर देखी जा सकती है। पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक आम चुनाव को लेकर टेंशन में नजर आ रहे हैं, यही वजह है कि पार्टी हर मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है ताकि उसे किसी भी तरह का कोई नुकसान न हो। बता दें कि इन बीजेपी की परेशानी की वजह विपक्ष नहीं, बल्कि उनके ही सांसद बनते हुए नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि बीजेपी नेतृत्व के खिलाफ दलित सांसदों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले से शुरू हुआ सिलसिला चौथे दलित सांसद की नाराजगी तक पहुंच चुका है। नगीना से बीजेपी सांसद यशवंत सिंह ने मोदी सरकार से नाराजगी जताई है। आपको बता दें कि यशवंत से पहले इटावा के बीजेपी सांसद अशोक दोहरे ने अपनी ही सरकार से नाराजगी जताई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रवैये के खिलाफ दलित सांसद छोटेलाल खरवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपना दर्द बयान किया था।

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गले नहीं उतर रहा दलित सांसदों का नाराज होना

उत्तर प्रदेश के तीन दलित सांसदो का नाराज होना बीजेपी के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि दिल्ली तक जाने का रास्ता लखनऊ से ही शुरू होता है, ऐसे में यूपी की हर एक सीट बीजेपी के लिए बहुत ही ज्यादा मायने रखती है। बता दें कि बीजेपी यूपी की 80 की 80 सीट जीतना चाहती है, क्योंकि इस बार पिछली बार से ज्यादा सीटों से जीतना चाहती है। ऐसे में बीजेपी के इस सपने पर उसके ही सांसद सेंध लगाते हुए दिख रहे हैं, ऐसे में अब प्रधानमंत्री मोदी ने योगी से रिपोर्ट मांगी है।

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दलित सांसदों की समस्याओं का निकालें समाधान

दलित सांसदों की नाराजगी को लेकर पीएम मोदी ने योगी को शनिवार को बुलाया था, जिसके बाद दोनो के बीच घंटो बात हुई है, ऐसे में पीएम मोदी ने दलितों की नाराजगी को लेकर योगी की जमकर क्लास लगाई तो वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मसले पर रिपोर्ट भी मांगी है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने हिदायत दी है कि दलित सांसदो की बात सुनें साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान निकालेंं। बताते चलें कि यूपी के दलित सांसदो का आरोप है कि बीजेपी ने चार सालों में कुछ नहीं किया है, ऐसे में अब उन्हें बीजेपी पर भरोसा नहीं रहा है।

दलित बिगाड़ सकते हैं 2019 का सियासी समीकरण

दलित सांसदों की नाराजगी पीएम मोदी और अमित शाह की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यूपी में दलित वोट बैंक बहुत ही ज्यादा है, ऐसे में अगर समय रहते हुए इस वोट बैंक को नहीं संभाला गया तो बीजेपी का 2019 में हश्र बुरा हो सकता है। यही वजह है कि पीएम मोदी ने योगी से कहा है कि वो सांसदो की बातों को न सिर्फ सुने, बल्कि उनकी समस्याओं का भी तुरंत समाधान निकालें। बीजेपी को यह डर है कि कहीं ये दलित सांसद किसी और दल में न शामिल हो जाए, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो यूपी में दलितों का वोट बीजेपी को नहीं मिलेगा, जिससे उसका सियासी समीकरण बिगड़ सकता है।