हेल्थ अलर्ट : इस मोबइल एप से बच जाएंगे हार्ट अटैक से, जानें कैसे करेगा काम

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : आज के बिगड़ते लाइफस्टाइल और तनाव भारी जिंदगी के चलते आजकल नौजवान भी हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं। हार्ट अटैक के रोगियों को कभी कभी यह भी नहीं चल पता कि वह दिल के मरीज हैं। क्योंकि जब उन्हें अपने शरीर में इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वह उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। जिसकी वजह से उसे बाद में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। शोधकर्ताओं ने एक ऐसा मोबाइल ऐप विकसित किया है, जो हार्ट अटैक के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार आलिंद फिब्रिलेशन की पहचान कर सकेगा। हृदय गति का असमान या बहुत तेज गति से धडक़ने की क्रिया को आलिंद फिब्रिलेशन कहते हैं। इससे हार्ट अटैक, हृदय का काम बंद करना और हृदय संबंधित अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। हार्ट अटैक को रोकने के लिए समय पर इसकी पहचान होना बहुत जरूरी है।

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क्यों महत्वपूर्ण है खोज

फिनलैंड में टुर्कू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जुहानी ऐराक्सिनेन ने कहा, ‘पहली बार सामान्य उपकरण ऐसे नतीजे पर पहुंच पाया है, जिससे वह मरीज की चिकित्सा में सहायता प्रदान कर सके।’ रुक-रुक कर आलिंद फिब्रिलेशन होने की वजह से सालों से डॉक्टरों को भी इसका पता नहीं चलता था। इस कारण यह खोज और भी महत्वपूर्ण है।

कैसे हुआ शोध

हृदयाघात को रोकने के लिए समय पर इसकी पहचान होना बहुत जरूरी है। शोध के दौरान 300 मरीजों को शामिल किया गया। इस शोध में लगभग आधे लोग आलिंद फिब्रिलेशन से पीडि़त थे। शोधकर्ता स्मार्टफोन की सहायता से रोग की पहचान करने में कामयाब रहे। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इससे लगभग 96 फीसदी तक प्रमाणित परिणाम मिले। शोधकर्ताओं के अनुसार इस ऐप को कुछ समय तक और विकसित किया जाएगा। यहां तक आने में सात साल लग गए।

हार्ट अटैक के लक्षण

हार्ट अटैक आने से पहले कुछ लक्षण सामान्य होतें हैं, जिनसे हार्ट अटैक की संभावनाओं का पता चल जाता है। ऐसे समय में सांस फूलना आम बात हैं। ऐसे में ज्यादा पसीना, सीने में दर्द और जलन, उल्टी आना, सिर चकराना, घबराहट होना और पेट, पीठ, छाती में दर्द होना महसूस होता है।