हल्द्वानी- मेयर के नाम पर उसने खेला उगाही का ऐसा काला खेल, नगर निगम के भी उड़ गये होश

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हल्द्वानी: संजय पाठक-  लगा के आग दौलत पर, ये हमने शौक़ पाले है …कोई पूछे तो कह देना , हम Jogendra Rautela वाले हैं… जी हाँ फेसबुक पर कुछ ऐसी ही टैग लाईन्स के साथ खुद को पेश करने वाले  मेयर डॉ. जोगेन्द्र सिंह रौतेला के पर्सनल असिसटेंट गणेश ढोंडियाल की काली करतूत बेपर्दा हुई है।

इस खबर ने नगर निगम प्रशासन के साथ ही मेयर को भी हक्का बक्का कर दिया। जैसे ही मेयर जोगेन्द्र सिंह रौतेला के सामने तहबाजारी शुल्क के नाम पर नामांतरण शुल्क की रकम हजम करने वाले भ्रष्ट व्यक्तिगत सहायक की करतूत आई उन्होंने तुरंत उसे निलंबित कर दिया।

Mayor's PA corruption in Haldwani Nagar Nigam
मेयर जोगेन्द्र सिंह रौतेला के साथ सेल्फी लेता गबन का आरोपी पीए गणेश ढोंडियाल / फाईल फोटो

यही नही मेयर ने इस मामले में नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया को भ्रष्ट पीए से रकम की रिकवरी करने और नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उधर इस मामले के सामने आने के बाद नगर निगम में खलबली मच गई है। दरअसल मेयर और नगम निगम प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब भ्रष्टाचार के पुराने मामलों की पड़ताल और जांच होने की भी संभावना है।

ऐसे खुली भ्रष्ट पीए की पोल

मेयर के पीए होने का फायदा उठाते हुए आरोपी पीए गणेश ढौंडियाल ने टैक्स कलैक्टर विनोद जोशी से किसी तरह तहबाजारी की रसीद बुक हथिया ली। लेकिन कहते हैं ना कि चोर कितनी चालाकी कर ले लेकिन अपने पीछे निशान छोड़ ही जाता है। ऐसा ही कुछ इस मामले में भी हुआ। पीए गणेश जोशी ने डूप्लीकेट रसीद पर 63 हजार रूपये दुकानदार से ठग लिये लेकिन ओरिजनल रसीद में यह शुल्क महज 25 रूपये ही जमा किया गया था। लेकिन जब जांच हुई तो इसी ओरिजनल पर्ची ने भ्रष्ट पीए गणेश कुमार की करतूत को बेनकाब कर दिया।

नगर निगम सूत्रों की मानें तो आरोपी उपनल के जरिये मेयर के पीए के रूप में काबिज है,यही नही उसे  नगर निगम की तरफ से सुभाषनगर वार्ड में बने सामुदायिक केन्द्र में रहने के लिए आवास भी मिला हुआ है।  ऐसे में अगर जांच में उस पर लगे आरोप सही पाए गये तो उसे नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

Mayor's PA corruption in Haldwani Nagar Nigam
टैक्स कलैक्टर विनोद जोशी

मेयर के नाम पर खेला ‘बड़ा खेल’

उधर इस मामले में टैक्स कलैक्टर विनोद जोशी ने बताया कि बीते सितंबर के महीने में मेयर रौतेला का पीए गणेश कुमार उनके घर आया था। इस दौरान उसने मेयर का नाम लेकर पीए ने उनसे 3 रसीदें मांगी और तहबाजारी शुल्क के रूप में 75 रूपये भी चुकाये।  इसके  बाद पीए गणेश ढौंडियाल गुलाबी रंग वाली डुप्लीकेट रसीदें भी अपने साथ ही ले गया। जानकारी के मुताबिक एक रसीद प्रमोद कुमार पुत्र गोपाल दत्त के नाम से काटी गई जबकि 2 रसीदें यशोदा देवी के नाम से काटी गई। आरोपी भ्रष्ट पीए ने प्रमोद कुमार से तो 63 हजार रूपये वसूल कर लिये लेकिन बाकि 2 रसीदों से उसने कितने की उगाही की , यह अभी जांच का विषय है।