नई टिहरी- ट्रैकर्स और पर्यटकों के लिए सौगात से कम नही है “मासरताल” , खूबियाँ जानकर रह जाएंगे दंग

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नई टिहरी- न्यूज टुडे नेटवर्क: देवभूमि उत्तराखंड़ में प्राकृतिक नजारों की कोई कमी नही है। यही वजह है कि उत्तराखंड़ में सैलानियों का जमावड़ा साल भर लगा रहता है। ऐसे में सरकार भी प्रदेश में पर्यटन को बढाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल रास्ते पर घने बांज के जंगलों के बीच करीब 07 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित मासरताल भी उन्हीं रमणीक स्थलों में से एक है।

रहस्य वाली ताल है मासरताल

दरअसल प्राकृतिक संपदा से लबरेज मासरताल किसी रहस्य से कम नहीं है। यहाँ एक ही स्थान पर 2 ताल हैं, लेकिन दोनों का ही रंग अलग-अलग है। एक ताल का रंग जहां हरा है, वहीं दूसरे ताल का रंग मटमैला है। एक ताल की लंबाई 300 मीटर है, वहीं दूसरे की 250 मीटर है। इन तालों की गहराई का भी अभी तक सही अनुमान नही लग सका है। ऐसे में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस ताल को अभी भी सरकारी “दृष्टि” का इंतजार है, जिससे यहां के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को भी पर्यटन का लाभ मिल सके।

कैसे पहुंचे मासरताल

केदारनाथ सड़क मार्ग से करीब 09 किमी की पैदल दूरी तय कर यहां तक पहुंचा जाता है। ताल के आस-पास बर्फीली पहाड़ियों का नजारा हर किसी को आकर्षित करता है। इस जगह से जुड़ी एक और चौंकाने वाली बात यह है कि केदारनाथ धाम जाने वाले इस पैदल मार्ग पर कहीं भी पानी के स्त्रोत नहीं है, लेकिन मासरताल में 2 बड़े-बड़े ताल हैं। दोनों ताल आस-पास हैं, लेकिन दोनों तालों का पानी अलग रंग के हैं, जो आज भी रहस्य बना हुआ है। यही वजह है कि इस स्थान पर पर्यटकों के अलावा ट्रैकर भी पहुंचते हैं। सड़क मार्ग से दूर होने के कारण अभी तक इस स्थान को विकसित नहीं किया जा सका है।