हल्द्वानी- बेटे को तिरंगे में लिपटा देख बेसुध हुई माँ, आंसूओं से साथ विदा हुआ शहीद बेटा

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हल्द्वानी: न्यूज टुडे नेटवर्क- नगालैंड के जाकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए चार कुमाऊं रेजीमेंट के जवान योगेश परगाई पुत्र स्व. मोहन चंद्र परगाई का पार्थिव शरीर आज सुबह करीब 7 बजे हल्द्वानी पहुंचा। शहीद का शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया । मां तारी देवी और भाभी योगेश के शव को देखते ही बेसुध हो गई। बेशुध मां, बड़े भाइयों को किसी तरह लोगों ने संभाला। शहीद की शव यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा।

शहीद योगेश की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

जब तक सूरज चांद रहेगा , योगेश तेरा नाम रहेगा….

परिजनों की चीख-पुकार के बीच शहीद योगेश परगाईं के शव को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट में ले जाया गया। इस दौरान भारी जनसमूह ने “जब तक सूरज चांद रहेगा योगेश तेरा नाम रहेगा” और “शहीद योगेश अमर रहे” के नारे लगाए। तेज धूप की परवाह किए बगैर हजारों लोगों ने शहीद बेटे को श्रद्वांजलि देने उमड़ पड़े। शव यात्रा के रानीबाग पहुंचने पर सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई।

शहीद योगेश परगाईं

बता दें कि मूल रूप से ओखलकांडा के भद्रकोट निवासी शहीद का परिवार 2 साल से हल्द्वानी के बिष्टधड़ा ,बिठौरिया नंबर- 1 में रह रहा है। योगेश इन दिनों नागालैंड में तैनात थे। बीते बुधवार की रात जब योगेश पेट्रोलिंग टीम के साथ गश्त पर गए थे। कैंप में वापस लौटते वक्त उग्रवादियों ने गोली योगेश के सीने में जा लगी और योगेश मौके पर ही शहीद हो गए।

शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे विधायक राम सिंह कैड़ा, बंशीधर भगत और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय

आज सुबह रानीबाग घाट पर शहीद योगेश को श्रद्धांजलि देने वालों में आम जनता के साथ ही राजनीति और समाजसेवा से जुड़े लोग मौजूद रहे। इस दौरान हर किसी की आंखें नम हो गई।