महाशिवरात्रि : शिवलिंग पर अगर ये चीजें चढ़ा दी तो, भोले हो जाएंगे नाराज !

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भगवान शिव काफी भोले होते हैं इसलिए अपने भक्तों पर जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं. शिव शंकर को प्रसन्न करने में किसी भी मनुष्य को कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ता है. लेकिन साथ ही भगवान शिव की पूजा में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. शिव पुराण में भोलेनाथ की पूजा से संबंधित वर्णन मिलता है.

 

आज हम कुछ ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें अगर आप भूलकर भी शिवजी पर चढ़ाते हैं तो शिवजी प्रसन्न होने के बजाय नाराज हो जाएंगे. शिवजी ही नहीं विष्णु जी भी आपसे नाराज हो जाएंगे और लक्ष्मी जी भी नाराज हो जाती हैं इसलिए कभी भी इन चीजों को शिवजी पर नहीं चढ़ाना चाहिए.

भगवान श‌िव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध क‌िया था. शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है, जो भगवान व‌िष्‍णु का भक्त था. इसल‌िए व‌िष्णु भगवान की पूजा शंख से होती है, श‌िव की नहीं.

तुलसी को भगवान व‌िष्‍णु ने पत्नी रूप में स्वीकार क‌िया है. इसल‌िए तुलसी से श‌िव जी की पूजा नहीं होती.

तिल या तिल से बनी कोई वस्तु भी भगवान शिव को अर्पित नहीं करनी चाहिए. इसे भगवान व‌िष्‍णु के मैल से उत्पन्न हुआ मान जाता है, इसल‌िए इसे भगवान श‌िव को नहीं अर्प‌ित क‌िया जाना चाह‌िए.

हल्दी का संबंध भगवान व‌िष्‍णु और सौभाग्य से है, इसल‌िए यह भगवान श‌िव को नहीं चढ़ता है. अगर ऐसा आप करती हैं तो इससे आपका चंद्रमा कमजोर होने लगता है और चंद्रमा कमजोर होने से आपका मन चंचल हो जाएगा आप किसी एक चीज में मन लगाकर काम नहीं कर पाएंगे.

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उबले हुए दूध से शिवलिंग का अभिषेक ना करें. शिवलिंग का अभिषेक सदैव ठंडे जल से करना चाहिए.

नारियल तो भगवान शिव को चढ़ाना चाहिए लेकिन नारियल का पानी कभी भी भगवान को भूलकर भी नहीं  चढ़ाना चाहिए. इससे धन की हानि होती है. केतकी का फूल भी भगवान शिव को कभी भी नहीं चढ़ाना चाहिए.

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भगवान श‌िव को अक्षत यानी साबूत चावल अर्प‌ित क‌िए जाने के बारे में शास्‍त्रों में ल‌िखा है. टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है, इसल‌िए यह श‌िव जी को नहीं चढ़ता.