महाबलिपुरम: 250 टन के इस पत्थर को देखने के लिए लगती है पर्यटकों की भीड़, ऐसे पहुंचे यहां

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तमिलनाडु- न्यूज टुडे नेटवर्क: भारत देश की विशाल संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहरों की कोई कमी नही है। गांव, शहर, कस्बा हर जगह ऐसा कुछ ना कुछ जरूर है जो पूरी दुनिया को अपनी तरफ आकर्षित करता ही है। बात अगर दक्षिण भारत की करें तो यहां भी धार्मिक और सांस्कृतिक धऱोहरों की कोई कमी नही है। तमिलनाडु राज्य का ऐतिहासिक नगर के रूप में विख्यात महाबलिपुरम ( मामल्लपुरम) भी उन जगहों में से एक है जहाँ आकर दुनिया भर के पर्यटक अंचभित रह जाते हैं। महाबलिपुरम के स्मारकों को यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में शामिल किया गया है। यहां एक बहुत बड़ा और प्राचीन पत्थर है, जो कि किसी आश्चर्य से कम नहीं है। इस संबंध में यहां मान्यता प्रचलित है कि ये करीब 1200 साल पुराना है। इसे श्रीकृष्ण के माखन की गेंद भी कहा जाता है।

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क्यों खास है ये पत्थर

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महाबलिपुरम का ये पत्थर करीब 20 फीट ऊंचा है और करीब 15 फीट इसकी चौड़ाई है। पत्थर एक ढलान पर करीब 4 फीट के आधार पर स्थिर टिका हुआ है, हिलता भी नहीं है और रुड़कता भी नहीं है। पत्थर का वजन करीब 250 टन है। इतना विशाल पत्थर होने के बाद भी ये पत्थर एक ढलान पर सैकड़ों वर्षों से टिका हुआ है। मान्यता के अनुसार महाभारत काल में श्रीकृष्ण ने बाल अवस्था में यहां थोड़ा सा माखन गिरा दिया था, ये वही माखन है जो अब पत्थर बन चुका है। इसी वजह से इसे श्रीकृष्ण के माखन की गेंद कहा जाता है।

कैसे पहुंचे महाबलिपुरम

महाबलिपुरम कांचीपुरम जिले में बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर स्थित है। यह चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर है। अगर आप यहां वायु मार्ग से पहुंचना चाहते हैं तो सबसे पहले चेन्नई पहुंचना होगा। चेन्नई से महाबलिपुरम के लिए प्राइवेट कार या बस से पहुंच सकते हैं। चेन्नई पहुंचने के लिए भारत के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट्स आसानी से मिल जाती हैं।

महाबलिपुरम में रहस्यमयी पत्थर के पास जमा पर्यटक

रेल मार्ग से पहुंचने के लिए चेन्गलपट्टू पहुंचना होगा। ये महाबलिपुरम का निकटतम रेलवे स्टेशन है जो कि करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चेन्नई और दक्षिण भारत के अनेक शहरों से यहां आने के लिए कई रेलगाड़ियां मिल जाती हैं। महाबलिपुरम तमिलनाड़ु के सभी प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा है। राज्य परिवहन निगम की कई बसें चलती हैं, जिनसे महाबलिपुरम पहुंचा जा सकता है।