पहला ऐसा इंटरनेशनल क्रिकेटर जिसे फांसी दी गई…

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अगर आप सोशल मीडिया में एक्टिव रहते हैं तो आपको पता ही होगा की क्रिकेटर कैसे विवादों में फंसते हैं? मैदान पर गाली-गलौज कर दी या बाहर किसी से बदसलूकी कर दी, ज्यादा से ज्याद स्पॉट फिक्सिंग में नाम आ गया.बस इतना ही ना? लेकिन क्या आपको पता है एक क्रिकेटर ऐसा था जिसने मर्डर कर दिया था और उसे फांसी की सजा हुई थी.

 Leslie

Leslie Hylton

वेस्टइंडीज का लेस्ली हिल्टन इकलौता क्रिकेटर था जिसे फांसी की सजा दी गई. इस फास्ट बॉलर ने अपनी वाइफ का मर्डर किया था. 17 मई 1955 को उसे जमैका में फांसी दे दी गई.

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इश्क हुआ, फिर शक हुआ

हिल्टन को इश्क हो गया था. जमैका के इंस्पेक्टर की बिटिया लर्लिन रोज से. दोनों के बीच स्टेटस का फासला तो था ही, इसलिए शुरुआत में बड़ी मुश्किलें आईं. लेकिन आखिरकार इश्क जीता और दोनों ने 1942 में शादी कर ली. पांच साल बाद उन्हें एक बेटा हुआ.

1954 में हालात खराब हो गए. अपने ड्रेसमेकिंग बिजनेस का बहाना लेकर लर्लिन अकसर न्यूयॉर्क जाने लगीं. इसी साल हिल्टन को एक गुमनाम चिट्ठी मिली. जिसमें लिखा था कि उनकी बीवी के ब्रूकलीन एवेन्यू में रहने वाले रॉय फ्रांसिस से नाजायज रिश्ते हैं.

चिट्ठी पढ़कर हिल्टन बेचैन हो उठे, लेकिन यह बात उन्होंने किसी को नहीं बताई. उन्होंने बीवी को तुरंत टेलीग्राम देकर बुलाया. थोड़ी टालमटोल के बाद लर्लिन लौट आईं और किसी भी तरह की बेवफाई से इनकार किया. उन्होंने कहा कि फ्रांसिस से बस उनकी जान-पहचान है. अखबार ‘डेली ग्लीनर’ ने लिखा, ‘मामला सच्चे वैवाहिक अंदाज में सेटल हो गया.’

…और फिर वो रात

लेकिन हिल्टन को कुछ ही दिनों में वे चिट्ठियां भी मिल गईं, जो उनकी बीवी ने फ्रांसिस को भेजी थीं. बौखलाए हिल्टन ने रात में ही अपनी बीवी को जगाया. दोनों में बहस हुई और लर्लिन ने मान लिया कि उनका फ्रांसिस से अफेयर है. लर्लिन ने हिल्टन से यहां तक कह डाला कि तुम में मेरे लेवल की क्लास है ही नहीं, तुमने मुझे कभी खुश नहीं रखा और तुम्हें देखकर ही मैं बीमार हो जाती हूं. खबरें तो यहां तक आईं कि लर्लिन ने अपने कपड़े उतार दिए और निर्वस्त्र होकर हिल्टन को बताया कि वह अब क्या मिस करने वाला है.

हिल्टन तब तक गुस्से में पागल हो चुके थे. वह खिड़की पर रखी बंदूक लेने के लिए लपके. कोर्ट में अपनी सफाई में हिल्टन ने कहा कि उन्होंने खुद को गोली मारने की कोशिश की थी, जो गलती से उसकी वाइफ को लग गई. लेकिन यह दलील कोर्ट में बेमानी रही क्योंकि लर्लिन की बॉडी में 7 गोलियां दागी गई थीं.

विवियन ब्लेक और नोएल नेदरसोल जैसे नामी वकील भी हिल्टन को नहीं बचा पाए. कोर्ट ने 20 अक्टूबर 1954 को उन्हें लर्लिन के मर्डर का दोषी पाया.

‘हैंग होल्ट, सेव हिल्टन’

उनकी फांसी के लिए जो तारीख तय हुई वो थी 17 मई 1955. इसी दिन ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच केंसिग्टन ओवल मैदान पर ही टेस्ट मैच खेला जा रहा था. वेस्ट इंडीज के ओपनर जॉन होल्ट क्रीज पर स्ट्रगल कर रहे थे. बाद में उन्होंने स्लिप में दो हलवा कैच भी छोड़ दिए. इसी दौरान दर्शक दीर्घा में एक बैनर दिखाई दिया, ‘हैंग होल्ट. सेव हिल्टन.’

लेकिन हिल्टन नहीं बचाए जा सके. वह अब तक इकलौते क्रिकेटर हैं, जिन्हें फांसी चढ़ाया गया.