अल्मोड़ा- पहाड़ की इस बेटी पर है देश को नाज, ‘मिस इंडिया खादी’ बनकर खूशबू ने बढाया उत्तराखंड़ का मान

288
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

अल्मोड़ा- कौन कहता है कि फैशन इंडस्ट्री में सिर्फ दिल्ली मुंबई के लोगों का ही बोलबाला रहता है। इस मिथक को एक बार फिर पहाड़ की बेटी खुशबू रावत ने तोड़ा है। मूल रूप से अल्मोड़ा के भिकियासैंण के बघाड़ निवासी हीरा सिंह रावत की बेटी खूश्बू रावत ने मिस इंडिया खादी प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया है।

Khusboo Rawat
खूश्बू रावत

अपने टेलेंट ने 50 हजार प्रतिभागियों को पछाड़ने वाली खुशबू रावत की इस उपलब्धि ने एक बार फिर उत्तराखंड़ को बेटियों पर फर्क करने की खुशी से नवाजा है। निफ्ट चंडीगढ़ में पढाई कर रही खुशबू ने हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले खुशबू रावत ने हरियाणा मिस खादी का खिताब भी जीता था।

खादी उत्पादों को प्रमोट करने के मकसद से केंद्रीय खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा मिस इंडिया खादी प्रतियोगिता के लिए राज्यवार विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में ऑडिशन कराए गए। इसमें दो सौ विश्वविद्यालयों के 50 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया। मिस इंडिया खादी प्रतियोगिता में जहाँ खुशबू रावत ने पहला स्थान पाया वहीं मोहाली चंडीगढ़ की घुरलीन मधोक प्रथम रनर अप और मध्य प्रदेश की युक्ति चुघ द्वितीय रनर अप रहीं।

Khushboo Rawat
मिस इंडिया खादी प्रतियोगिता में रनरअप प्रतिभागियों के साथ खुशबू रावत (बीच में)

मां- बाप को है बेटी पर नाज

अपने हुनर से मिस इंडिया खादी का ताज अपने नाम करने वाली खुशबू रावत से जुड़ी एक और बात को यहाँ बताना बेहद अहम है। आपको बता दें कि खुशबू रावत के पिता हीरा सिंह रावत भीमताल में विकास भवन में राजकीय वाहन चालक के पद पर तैनात हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद किस तरीके से अपनी प्रतिभा के दम पर खुशबू  ने यह सफलता पाई है। पिता हीरा सिंह रावत और मां दीपाली रावत भी बेटी की इस उपलब्धि पर बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गर्व हो भी क्यों ना , आखिर बेटी ने मां-बाप और परिवार के साथ ही उत्तराखंड़ को भी खुशी का खूबसूरत पल जो दिया है।

नैनीताल से चंडीगढ का सफर

पिता हीरा सिंह रावत ने बताया कि खुशबू ने पहली से 12 वीं तक की शिक्षा नैनीताल के मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर से ग्रहण की। इसके बाद वह नॉदर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ में दाखिला लिया। खुशबू के पिता हीरा सिंह रावत ने बताया कि बेटी की सफलता में नैनीताल व रामनगर के प्रशंसकों का बड़ा योगदान है। ऑनलाइन वोटिंग के समर्थन में जो वीडियो भेजे जाने थे, उसमें से कुल मिले तीन सौ वीडियो में करीब दो सौ नैनीताल-रामनगर से भी भेजे गए थे। वहीं मिस इंडिया खादी खुशबू रावत ने भी सपोर्ट के लिए उत्तराखंड़वासियों का धन्यवाद किया है ।

Khushboo Rawat
खुशबू रावत

खादी को आगे बढाना है खुशबू का मकसद

अपनी उपलब्धि पर उत्साहित खुशबू कहती हैं कि वह टेक्सटाइल डिजाइनिंग की स्टूडेंट हैं।  ऐसे में मैं खुद भी ऐसी जगह में प्रतिभाग लेती हूँ जिनमें मुझे हैण्ड वीविंग करनी पड़े जितना हम हाथ से वीविंग करते हैं , इससे ये महसूस होता है कि ये काम कितना मेहनत वाला है, कितना कला की जरुरत है, कितना ध्यान की जरुरत है। वैसे भी जिस चीज में आपकी जी तोड़ मेहनत लगे वो अपने आप में ही बेहद खास होती ही है। खुशबू रावत कहती हैं कि वह भविष्य में  खादी को प्रमोट करेंगी। जिस तरीके से पीएम मोदी गरीब भारत को सपोर्ट करने तथा हथकरघा उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए बीड़ा उठाया है, उसे बढ़ाना मेरा फर्ज है।