कर्नाटक चुनाव : बीजेपी को मिला मुस्लिमों का साथ, जमकर कर दिए वोट

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कर्नाटक- न्यूज टुडे नेटवर्क : कर्नाटक चुनाव के नतीजों से बीजेपी में जश्न का माहौल है। विधानसभा चुनावों के रुझानों में बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े को छू लिया है और बीजेपी ने जीत की ओर अपने आधे सेे ज्यादा रास्ते को पार कर लिया है। वहीं रुझानों को देखते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस ने हार स्वीकार कर ली है। राज्य के ऊर्जा मंत्री एवं कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार ने मीडिया को बताया कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि उनकी पार्टी (कांग्रेस) सत्ता में पांच साल रहने के बाद सत्ता से बेदखल होती दिख रही है।

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हमें है जीत का पूरा भरोसा : शांताराम भाजपा प्रवक्ता

भाजपा प्रवक्ता एस. शांताराम ने कहा कि हम प्रफुल्लित हैं, क्योंकि हमने आधे से ज्यादा का रास्ता तय कर लिया है। हमें जीत का पूरा भरोसा है। अभी तक कोई परिणाम घोषित नहीं हुआ है, लेकिन शनिवार को हुए मतदान के बाद मंगलवार को जारी मतगणना के रुझानों में भाजपा सत्तारुढ़ कांग्रेस से आगे चल रही है और जेडी-एस तीसरे स्थान पर है। असल में बीजेपी को कर्नाटक में हर वर्ग और जाति से वोट मिले है जिसकी वजह उनकी जीत की राह आसान हुई है।

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मुस्लिम बहुल सीटों पर भी बीजेपी की जीत

कर्नाटक में 23 मुस्लिम बहुल सीटें हैं। 2013 के विस चुनाव में बीजेपी को 23 में से सिर्फ आठ सीटों पर जीत हासिल हुई थी, लेकिन इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी को दो सीटों का और फायदा हो रहा है।

एससी-एसटी वोटर्स ने बीजेपी पर जताया भरोसा

एससी-एसटी वोटर्स ने भी बीजेपी पर भरोसा जताया है। 2013 में बीजेपी को 23 सीटें मिली थी लेकिन 2018 में बीजेपी को 28 सीटों पर जीत मिल रही है। कर्नाटक में एससी-एसटी बहुल 62 सीटें हैं।

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नहीं चला कांग्रेस का लिंगायत कार्ड

चुनावों से पहले कांग्रेस ने लिंगायत वोटर्स पर सेंध लगाने की कोशिश की थी लेकिन उसका असर होता नजर नहीं आया। 2013 के चुनाव में बीजेपी को 62 लिंगायत बहुत क्षेत्र से 29 सीटों पर जीत हासिल हुई थी लेकिन 2018 में ये जीत और बड़ी हो गई। बीजेपी को करीब 40 सीटों पर जीत मिलती दिख रही है।

जेडीएस के वोक्कालिगा वोटर्स में बीजेपी ने लगाई सेंध

बीजेपी ने जेडीएस के वोक्कालिगा वोटर्स पर भी सेंध लगाई है। वोक्कालिगा बहुल 43 सीटों में से बीजेपी 20 सीटों पर जीत हासिल करती नजर आ रही हे जबकि 2013 में वह सिर्फ 8 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी थी।

तटीय क्षेत्र में पिछले चुनाव के मुकाबले 9 सीटों का फायदा

तटीय क्षेत्र की 32 सीटों पर भी बीजेपी को पिछले चुनाव के मुकाबले नौ सीटों का फायदा होता दिख रहा है।