गुलाम नबी बोले- राज्यपाल ने पहले नहीं बुलाया तो होगा खून- खराबा

129
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : अंकों का खेल इतना मारक है कि आठ सीटों की कमी ने भाजपा को कुर्सी से दूर-सा कर दिया है और कल तक दुश्मन बनकर खेल रहे कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर पलों में दोस्त बन गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल यदि बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं तो इसका मतलब होगा कि वह पार्टियों में खुलेआम खरीद फरोख्त, भ्रष्टाचार और दलबदल को आमंत्रित कर रहे हैं। कर्नाटक चुनावों में भाजपा की जीत के साथ ही सियासी पारा बढ़ चुका है। चुनाव का मैदान रोमांचक मोड़ ले चुका है क्योंकि भाजपा के सिंगल लार्जेस्ट पार्टी होने के वाबजूद कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर पार्टी बनाने का दांव खेल दिया है। वहीं येदुरप्पा भी अपनी पार्टी बनाने का दावा करने के लिए राज्यपाल से मिलना तय है।

karnatak1

बीजेपी कर रही विधायकों को तोडऩे की कोशिश : गुलाम नबी

वक्त भी क्या-क्या खेल दिखाता है। भाजपा नेताओं के चेहरों पर मुस्कुराहट अभी ठीक से ठहरी भी नहीं थी कि सीटों की संख्या बदलने लगी और वही मुस्कुराहट घर बदलकर कांग्रेस-जनता दल (एस) के पास चली गई।
इसी बीच बंगलुरु में मौजूद कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद का कहना है कि भाजपा कांग्रेस के विधायकों को धमका रही है और उन्हों तोडऩे की कोशिश में है। वहीं कांग्रेस के विधायकों के असंतुष्ट होने की अफवाह फैलाकर फायदा उठाना चाहती है। जबकि खुद बीजेपी असंतुष्ट है।

karnatak

राज्यपाल पर टिकी हैं सबकी नजरें

वहीं गुलाम नबी ने कहा है कि बीजेपी के पास पूरा बहुमत नहीं है। ऐसे में हमारे पार्टी के पास 117 सीटें हैं और उनके पास मात्र 104 सीटें। ऐसे में हमें पार्टी बनाने का मौका मिलना चाहिए। वहीं नबी ने कहा कि संविधाना की रक्षा के लिए राज्यपाल को चुना जाता है क्या वो पुराने संबंधों के नाते इसके साथ खिलवाड़ करेंगे। सारी नजरें अब राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिक गई हैं। उन्हें फैसला करना है कि वह सरकार बनाने के लिये सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी भाजपा को आमंत्रित करें या कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन को बुलाएं।