कालाढूंगी- मकान बनाने वाले मिस्त्री ने किया “घर की इज्जत” पर हमला, पुलिस ने 3 घंटे में धर दबोचा

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कालाढूंगी- न्यूज टुडे नेटवर्क: बीते रोज कालाढूंगी के गैबुआ गाँव की रहने वाली 12 वर्षीय छात्रा के अपहरण के मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मिस्त्री को पकड़ लिया है। देर शाम करीब 8 बजे कालाढूंगी, रामनगर पुलिस और एसओजी की टीम ने आरोपी जुनैद पुत्र हसमत अली निवासी खताड़ी थाना रामनगर को दाबका पुल कालाढूंगी से गिरफ्तार कर लिया।

बताते चले कि कल देर शाम करीब 6 बजे गैबुआ निवासी देवेन्द्र कुमार पुत्र जीतराम ने बैलपड़ाव चौकी में मौखिक सूचना देकर बताया था कि उनकी 12 वर्षीय पुत्री जो कि दून स्कॉलर्स पब्लिक स्कूल गैबुआ बैलपड़ाव में कक्षा 6 में पढ़ती है, आज सुबह स्कूल जाने के बाद अभी तक घर नही पहुंची। घटना के सामने आने के बाद क्षेत्रवासियों ने कालाढूंगी थाने में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा काटा था।

पुलिस गिरफ्त में नाबालिग लड़की को भगाने वाला आरोपी जुनैद

घर बनाते बनाते डोली मिस्त्री की नीयत

बेटी के गुमशुदगी के मामले में पिता देवेन्द्र कुमार ने जुनैद पुत्र हसमत अली निवासी खताड़ी थाना रामनगर पर शक जताया था। पिता देवेन्द्र कुमार के अनुसार जुनैद ने कुछ महीने पहले ही उनके घर में मिस्त्री के तौर पर काम किया था, उन्हें शक है कि वही उनकी बेटी को बहलाफुसलाकर ले गया है।

एसएसपी की की तत्परता से धरा गया आरोपी

जैसे ही नाबालिग लड़की की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई तो महकमे में खलबली मच गई। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कालाढूंगी थाना प्रभारी नरेश चौहान के नेतृत्व में बैलपड़ाव चौकी प्रभारी सुशील जोशी, रामनगर कोतवाली एसआई विपिन जोशी, एचसीपी कुशल नगरकोठी, कानि. त्रिलोक, कानि. मनमोहन, कानि. एजाज अहमद, कानि. नवीन कुमार किशन सिंह एसओजी नैनीताल की टीम गठित की। प्रभारी एसओजी को जुनैद का मोबाईल नम्बर को सर्विलांस पर लगाकर लोकेशन निकलने के आदेश दिये गये।

पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 3 घण्टे के भीतर नाबालिग लड़की को सुकुशल बरामद करते हुए अभियुक्त जुनैद पुत्र हसमत अली को दाबका पुल कालाढूंगी से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त के विरूद्व थाना कालाडुंगी में मुकदमा अपराध संख्या 23/2018 धारा 363/366/354 भादवि व 7/8 पोस्को एक्ट में अभियोग पंजीकृत करते हुए जेल भेजा गया। उधर पुलिस कप्तान जन्मेजय खंडूरी के द्वारा नाबालिग लड़की को खोजने वाली पुलिस टीम को सम्मानित किया गया।