उत्तराखंड़ की इस बेटी पर है देश के हर माँ-बाप को नाज, हो रही है उत्तराखंडी संस्कारों की गूंज

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देहरादून- आज के दौर में जब मामूली सी रकम की खातिर लोग किसी के जान लेने में भी नही हिचकते हों , ऐसे दौर में उत्तराखंड़ की एक बेटी ने कुछ ऐसा किया है कि जो अपने आप में नजीर बन गया। जिसने भी देवभूमि की इस बेटी के कारनामे को जाना , वह बस एक ही बात कहता रह गया, ग्रेट सैल्यूट टू ज्योतिका…आइये आपको बताते हैं कि आखिर क्यों पूरा देश आज देवभूमि की इस बेटी पर गर्व कर रहा है।

honesty of Jyotika Bansal
ज्योतिका बंसल

ईमानदारी की मिसाल बनी ज्योतिका

दरअसल बीते मंगलवार को देहरादून के डालनवाला निवासी ज्योतिका बंसल रुपये निकालने के लिए ईसी रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में गई। वह बूथ में जैसे ही पहुंची, एटीएम स्क्रीन पर कलेक्ट योर कैश लिखा हुआ था। कैश विंडो पर दस हजार रुपये फंसे हुए थे। ज्योतिका ने बताया कि पहले तो समझ नहीं आया कि उसके एटीएम में कार्ड स्वैप करने से पहले ही यह रकम कैसे बाहर निकल गई।

honesty of Jyotika Bansal

ज्योतिका ने किया तुरंत बैंक मैनेजर को फोन

ज्यादा वक्त ना गंवाते हुए तुरंत ज्योतिका ने बैंक ऑफ इंडिया के बल्लूपुर ब्रांच के मैनेजर डीसी गैरोला को फोन कर घटनाक्रम की जानकारी दी। बैंक मैनेजर ने ज्योतिका को बताया कि उनसे पहले किसी ने रुपये निकालने के लिए एटीएम स्वैप किया होगा और वह या तो रकम लेना भूल गए या फिर प्रोसेज में देरी होने पर वह बगैर रकम लिए ही बूथ से वापस लौट गए होंगे। मैनेजर गैरोला के सुझाव पर ज्योतिका बीते बुधवार को बैंक ऑफ इंडिया बल्लूपुर पहुंची और एटीएम से मिले 10 हजार रुपये जमा करा दिए। ताकि रूपये उसके असल मालिक को मिल सकें।

आज के दौर में “बाप ना भईया सबसे बड़ा रूपैया” की सोच को ठेंगा दिखाते हुए बीबीए की छात्रा ज्योतिका बंसल ने एटीएम में छूटे 10 हजार रुपये वापस बैंक को लौटा दिये। और ये साबित कर दिया कि संस्कारों वाली परवरिश किस तरह अपना जादू बिखेरती है। ज्योत्सना कहती हैं कि उन्हें नही पता कि एटीएम में छूटे ये पैसे किसके हैं लेकिन ये जरूर पता है कि जब ये पैसे उसके असल मालिक तक पहुंचेंगे तो उसके चेहरे की खुशी देखने लायक होगी। देहरादून की बेटी ज्योत्सना बंसल के इस ‘हैप्पी थॉट’ को पूरे उत्तरांखड़ का सलाम…