उत्तराखंड़ के इन 20 हजार परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी बढ रही है यह अनूठी परंपरा, हर किसी को है नाज

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: भारतीय समाज में संयुक्त परिवार का अपना एक खासा महत्व रहा है। परिवार में बड़े बुजुर्गों के अनुभवों के बीच छोटों की परवरिश का अपना ही एक अनूठा अंदाज होता है। लेकिन इस सच से भी मुंह नही मोड़ा जा सकता है कि आज की भागमभाग वाली जीवनशैली और संस्कारों के बजाय पैसे को महत्व देने वाली संस्कृति ने संयुक्त परिवारों के वजूद को तहस नहस करने का काम किया है।

इन सबसे बीच देवभूमि उत्तराखंड़ में हजारों ऐसे परिवार भी हैं जिनके आपसी सामंजस्य और प्यार को जमाने की नजर नही लगी। और आज दिन तक इन परिवारों में संयुक्त परिवार खुशहाली के साथ जी रहे हैं। आज हम आपको अपनी इस स्टोरी में उत्तराखंड़ के ऐसे ही संयुक्त परिवारों से रूबरू करवाने जा रहे हैं।

जोनसार बावर क्षेत्र के खुशहाल 20 हजार संयुक्त परिवार

संयुक्त परिवार कैसे अपनी खुशहाल जिंदगी जीते हैं, इसे बताने के लिए देहरादून का सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर नजीर बना हुआ है। 460 वर्ग मील में फैले इस क्षेत्र को त्यूणी, चकराता व कालसी तहसीलों और चकराता व कालसी दो ब्लाकों में बांटा गया है। 365 राजस्व गांवों और 300 के करीब तोक-मजरे हैं। 365 राजस्व ग्राम वाले जौनसार बावर क्षेत्र में करीब 20 हजार संयुक्त परिवार हैं। इन परिवारों में सदस्य संख्या 30 से 90 के बीच है।

90 सदस्यों वाला ये परिवार है अनूठा

त्यूणी तहसील क्षेत्र के चिल्हाड़ गांव निवासी जयदत्त बिजल्वाण के संयुक्त परिवार में सदस्यों की संख्या 90 है। सभी लोग एक साथ मिलकर रहते हैं। परिवार में घर के मुखिया का फैसला सर्वमान्य होता है। बिजल्वाण परिवार के सदस्यों में जिला जज चंडी प्रसाद बिजल्वाण व कई अन्य अधिकारी शामिल हैं।

रंगकर्मी का 45 सदस्यों वाला खुशहाल परिवार

चकराता क्षेत्र के टुंगरा निवासी रंगकर्मी नंद लाल भारती के संयुक्त परिवार में दादा, पिता, चाचा, चाची, भाई, भतीजे समेत सदस्यों की संख्या 45 है। विख्यात रंगकर्मी नंदलाल भारती जौनसारी संस्कृति को देश विदेश में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब तक कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित भी हो चुके हैं। पूरा परिवार हंसी खुशी अपने सुख दुख को साझा करता है। यही परिवार की सबसे बड़ी ताकत भी है।

60 सदस्यों वाले इस परिवार में बुजुर्ग हैं डिसीजन मेकर

कुल्हा निवासी सूपाराम शर्मा के संयुक्त परिवार में सदस्यों की संख्या 60 है। इनमें तहसीलदार और शिक्षा विभाग के ब्लाक संकुल समन्वयक व अन्य अधिकारी शामिल हैं। पूरा परिवार एक छत के नीचे खुशहाल जीवन गुजार रहा है। परिवार में बुजुर्ग सूपाराम शर्मा डिसीजन मेकर के तौर पर जाने जाते हैं। परिवार के हर सदस्य के हित में लिया गया बुजुर्ग सूपाराम शर्मा का फैंसला सभी को मान्य होता है। और इसी तरह पूरा परिवार आपसी तालमेल से दिन व्यतीत करता है।

इसी तरह हजारों ऐसे परिवार हैं जो अपने रिश्तों की बगिया को जौनसार बावर क्षेत्र में महका रहे हैं। और समाज के उन लोगों को प्रेरणा भी दे रहे हैं जो छोटी -छोटी वजहों से संयुक्त परिवार को तहस- नहस करने में जरा सी भी देर नही लगाते।