जन्माष्टमी 2018 : जानिए क्या है सही तारीख, ये है शुभ मुहूर्त

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : हर बार की तरह इस बार भी जन्माष्टमी की तारीख को लेकर लोगों में काफी असमंजस बना हुआ है। आइए जानते हैं किस दिन मनाया जाएगा जन्माष्टमी का पर्व और क्या है शुभ मुहूर्त। हर साल पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाती है। इस बार जन्माष्टमी का संयोग दो दिन का है। इसलिए इस बार 2 सितंबर रविवार को भादो की अष्टमी रात 8 बजकर 46 मिनट में शुरू होगी। लेकिन उदयकालीन अष्टमी सोमवार 3 सितंबर 2018 को है। शास्त्रों के अनुसार यह जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण का 5245 वां जन्मोत्सव है इस बार जन्माष्टमी 3 सितंबर सोमवार को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी की रात 12 बजे जब कृष्ण की आगमन होगा। उस समय सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग होगा। 3 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र भी है। कृष्ण जन्माष्टमी मनाने को लेकर दिवस भ्रम पर विराम लगाते हुए ज्योतिषाचार्य ने बताया कि गोवर्धनधारी का जन्म रोहिणी नक्षत्र में भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में वृष लग्न में हुआ था. इस बार यह संयोग 3 सितंबर सोमवार को बन रहा है।

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जन्माष्टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त-

– अष्टमी तिथि – 2 सितंबर 2018 को रात्रि 8 बजकर 46 मिनट से अगले दिन यानि सोमवार 3 सितंबर 2018 को शाम 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगी्र।
– रोहिणी नक्षत्र- 2 सितंबर 2018 यानी आज रात 8 बजकर 48 मिनट से सोमवार 3 सितंबर 2018 को 8 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इस बीच रविवार को वृष लग्न रात्रि 10 बजे से 11: 57 तक रहेगी। इन तीनों के संयोग में ही कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

धनिए की पंजीरी का लगाएं भोग

भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के दौरान उन्हें धनिए की पंजीरी का भोग लगाएं। कारण, रात्रि में त्रितत्व वात पित्त और कफ में वात और कफ के दोषों से बचने के लिए धनिए की पंजीरी का प्रसाद बनाकर ही भगवान श्रीकृष्ण को चढ़ाएं। धनिए के सेवन से वृत संकल्प भी सुरक्षित रहता है। अगर कोई श्रद्धालु भक्त भगवान को छप्पन भोग का प्रसाद में नहीं चढ़ा पाते हैं उनके द्वारा श्रद्धा पूर्वक माखन मिश्री एक मुख्य भोग चढ़ाने से ही भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न हो जाते हैं, और उनकी हर मनोकामनाएं पूरी करते हैं ।

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रोहिणी नक्षत्र में पैदा हुए थे श्री कृष्ण

हिंदू शास्त्रों के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र में हुआ था इसलिए प्रति वर्ष इसी तारीख और इसी नक्षत्र में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। मगर हर साल ऐसा न हो पाने की वजह से कभी अष्टमी तिथि तो कभी रोहिणी नक्षत्र नहीं हो पाता।

किस दिन मनाएगा कौन जन्माष्टमी

2 सिंतबर को निशीथ काल में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र मिल रहा है जिसकी वजह से स्मार्त संप्रदाय वाले जन्माष्टमी का त्योहार मनाएंगे। वहीं 3 सितंबर को अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र उदया तिथि मिल रही है, इसलिए वैष्णव संप्रदाय वाले इस दिन जन्माष्टमी मनाएंगे।