VIDEO: नर्सिंग डे विशेष: खुद का दर्द भूल दूसरों का दर्द समझती है नर्स, जानें क्या है 2018 की नर्सिंग थीम

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: नोबल नर्सिंग सेवा की शुरूआत करने वाली ‘फ़्लोरेन्स नाइटिंगेल’ के जन्म दिवस के अवसर पर हर साल दुनिया भर में 12 मई को विश्व नर्सिंग दिवस मनाया जाता है। नर्सिंग के सेवा संकल्प को फैलाने और समाज में नर्सिंग के मूल्यों को स्थापित करने के लिए इंटरनेशनल नर्सिंग काउंसिल की ओर से हर साल एक थीम तय की जाती है।

Florence Nightingale

इस वर्ष की थीम है- Nurses A Voice To Lead – Health Is A Human Right रखी गई है। हल्द्वानी नैनीताल रोड स्थित ” पाल कालेज आफ नर्सिंग एण्ड मेडिकल साइसेंस ” की प्रिंसिपल डा. रत्ना प्रकाश ने इस अवसर पर नर्सिंग स्टूडेंट्स को नर्सिंग व्यवसाय से जुड़ी जानकारी से अवगत कराया।

पाल कालेज आफ नर्सिंग की प्रिंसिपल डॉ. रत्ना प्रकाश

डॉ. रत्ना प्रकाश ने कहा कि नर्सिंग के क्षेत्र में अब महिलाओं के साथ ही पुरूषों की भी भागीदारी बढी है। विदेशों में नर्सिंग के सुनहरे मौकों ने भारत से नर्सों को बड़ी संख्या में अपनी तरफ आकर्षित किया है , जिससे भारत में नर्सिंग पेशेवरों की संख्या में तेजी से गिरावट आयी है। ऐसे में इंडियन नर्सिंग काउन्सिल और इंडियन मेडिकल काउन्सिल की यही कोशिश है कि देश में नर्सिंग में करियर की संभावना को और अधिक मजबूत किया जाए।

VIDEO- इन्टरनेशनल नर्सिंग डे 2018 पर जारी हुई यह थीम

पाल कालेज आफ नर्सिंग में स्टूडेंट नर्सेस एसोशिएसन (SNA) के एडवाइजर्स एलेक्स जेम्स और प्रतिति हलदर ने बताया कि कालेज में छात्रों को नर्सिंग की पढाई के साथ ही भविष्य में प्रैक्टिकल फील्ड के लिए भी तैयार करने पर जोर दिया जाता है। जिससे उन्हें करियर के लिहाज से कोई परेशानी ना हो।

इससे पहले नर्सिंग डे के अवसर पर एएनएम, जीएनएम, बीएससी और एमएससी नर्सिंग के छात्र- छात्राओं ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया और नर्सिंग के जरिये समाजसेवा के संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर पाल कालेज आफ नर्सिंग के मीडिया प्रभारी सुन्दरम भंडारी, देवेन्द्र सिंह मौजूद रहे।