जमीन के अंदर ऐसी गुफा, जहां मौजूद हैं बादल, नदी, पहाड़ और जंगल के साथ बहुत कुछ…

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : 1991 में एक वियतनामी किसान ने फोन हा-के बैग नेशनल पार्क में मौजूद ऐसी गुफा की खोज की थी, जिसे तब तक किसी ने नहीं देखा था। आज इस गुफा को हंग सों डूंग नाम से जाना जाता है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी गुफा भी कहते हैं। कहते हैं कि इस शख्स का नाम हो खांह था। खाने और टिम्बर की तलाश में हो नेशनल पार्क में कई हफ्तों से भटक रहा था। अचानक उसने पार्क में एक गुफा देखी और उसके अंदर चला गया। जैसे ही वो अंदर पहुंचा, उसे नदी की आवाज सुनाई दी। यहां तक कि उसे गुफा में तेज हवा चलने की आवाज भी आ रही थी। वो डर गया और वहां से वापस लौट गया। इसके बाद वो उस गुफा वाली बात और उस जगह को भी भूल गया।

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इसे कहा जाता है दुनिया की सबसे लम्बी गुफा

कुछ सालों पहले वियतनाम में एक गुफा की खोज की गयी थी। आपको बता दें इस गुफा के बारे में जानकार आप सच में हैरानी में पड़ जाएंगे। इस गुफा को हांग सान दोंग नाम से जाना जाता है। इसे दुनिया की सबसे लम्बी गुफा का भी ख़िताब मिला हुआ है। इस गुफा की लम्बाई लगभग 9 किलोमीटर है और चौड़ाई 200 मीटर है। यह गुफा 150 मीटर ऊंची भी है। सबसे हैरन करने वाली बात यह है कि इस गुफा के अंदर जंगल से लेकर बादल, नदी और पहाड़ के साथ ही बहुत कुछ है।

जाना जाता है वियतनाम की ग्रेट वॉल के नाम से

पहले यह गुफा बंद थी लेकिन 2013 में इसे पर्यटकों के लिए भी खोल दिया गया। यहाँ जाने के लिए लोगों को इजाजत लेनी पड़ती है। हर साल सिर्फ 250-300 पर्यटकों को ही अंदर जाने की इजाजत दी जाती है। जानकारी के अनुसार इस बार वियतनाम सरकार 900 पर्यटकों को अंदर जाने की परमिशन दे सकती है। आपको बता दें यह अद्भुत गुफा क्वांग विन्ह के फांग न्हा-के बंग नेशनल पार्क में स्थित है। इसे वियतनाम की ग्रेट वॉल के नाम से भी जाना जाता है।

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सूरज की रौशनी भी पहुँचती है गुफा के अंदर

इस गुफा में गूंजने वाली हवा और आवाज को बाहरी गेट पर भी सुना जा सकता है। इस गुफा की खोज 1991 में एक स्थानीय युवक खानह ने की थी। इस गुफा को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान 2009 में उस समय मिली जब ब्रिटिश असोसीएशन ने हस्तक्षेप किया। एक बार ब्रिटिश के गुफा शोधकर्ताओं ने फांग न्हा नेशनल पार्क का दौरा किया। इसी असोसीएशन ने पहली बार दुनिया को इस गुफा के बारे में बताया। वैज्ञानिकों ने गुफा में स्थित 200 मीटर ऊँची दीवार को पार किया, इसके बाद इसमें प्रवेश करने के दो रास्तों का पता लगाया। आपको बता दें इस गुफा में सूरज की रौशनी भी पहुंचती है।

1.91 लाख रुपए है गुफा में एंट्री फीस

गुफा के अंदर पर्यटकों को जाने की इजाज़त अगस्त से पहले ही दी जाती है, क्योंकि अगस्त के बाद गुफा में मौजूद नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो जाती है। इस साल पहली बार गुफा में 900 से ज़्यादा पर्यटकों को जाने का मौक़ा मिलेगा। इस गुफा में जाने वाले पर्यटक चार दिन और तीन रातें बिताएँगे। गुफा में जाने के लिए टिकट की बिक्री शुरू हो चुकी है। आपको बता दें गुफा में जाने के लिए एक टिकट के लिए आपको 1.91 लाख रुपए चुकाने होंगे। जो भी पर्यटक गुफा में जाने के लिए टिकट खऱीदते हैं, उन्हें छ: महीने की सरवाइवल की ट्रेनिंग दी जाती है। गुफा में जाने वाले पर्यटकों का फिटनेस टेस्ट भी किया जाता है।