रेलवे में बदल रही है यह व्यवस्था, मिलेगी एरोप्लेन जैसी सुविधाएं

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[न्यूज टुडे नेटवर्क]. इंडियन रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में जुलाई के महीने से खाने का मेन्यु चेंज हो जाएगा. घरेलु खाने जैसे रोटी, सब्जी, चावल-दाल के बदले जो स्वादिष्ठ खाना हवाई जहाज में मिलता है वैसा ही अब इंडियन प्रीमियम ट्रेनों में मिलेगा बस इंतजार करिये जुलाई महीने का.

साथ ही खाने की आपूर्ति ट्रॉली से होगी. इसके अलावा सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में नई डिजाइन की मिनी पेंट्रीकार लगाई जाएगी. इसमें स्टोरेज व वॉशिंग के लिए पर्याप्त जगह होगी. ट्रेनों में खानपान सेवा की कमान आईआरसीटीसी निरीक्षकों के हाथ में होगी. जो मौके पर ही गलत खाने को देखकर ठेकेदारों पर जुर्माना ठोक सकेंगे.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने मीडिया को बताया कि कैटरिंग क्षेत्र में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए हैं. इसमें सबसे पहला काम राजधानी, शताब्दी, दुरंतो ट्रेनों में मैन्यु की फेहरिस्त छोटी की जाएगी. जुलाई माह से इन ट्रेनों में हवाई जहाज की तर्ज पर ‘रेडी टू ईट’ सेवा शुरू की जाएगी. इसके अलावा शताब्दी व राजधानी के मेन्यु में बदलाव किया जाएगा.

गरीब रथ ट्रेनों में लगेगी पेंट्रीकार

अश्वनी ने कहा कि जून माह से सभी गरीब रथ ट्रेनों में मिनी पेंट्रीकार लगाने का कार्य आंरभ होगा. इसके लिए कोच में चार में से एक शौचालय को हटा दिया जाएगा. प्रयोग सफल होने पर चरणबद्ध तरीके से सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में मिनी पेंट्रीकार लगाने का काम किया जाएगा. मेल-एक्पप्रसे ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आईआरसीटीसी के कैटरिंग निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी.

उनको अधिक शक्तियां दी जाएंगी, जिससे घटिया-बासी खाना होने पर कैटरिंग निरीक्षक त्वरित आधार पर ठेकेदार पर जुर्माना लगा सकेंगे. ठेकेदार प्रत्येक ट्रेन में दस प्वांइट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन वितरित करेंगे. कुल तीन हजार पीओएस खरीदी जाएंगी. खानपान बिक्री का सामान पीओस से किया जाएगा और यात्रियों को इसका बिल भी दिया जाएगा.

68 बेस किचन में 16 का निर्माण कार्य पूरा

आईआरसीटीसी के सीएमडी एम.पी. मल ने बताया कि देशभर में कुल 68 बेस किचन बनाए जा रहे हैं. इनमें से 16 का निर्माण पूरा हो चुका है. जबकि दिसंबर 2019 तक सभी बेस किचन बनकर तैयार हो जाएंगे. खाना पकाने का काम आईआरसीटीसी करेगा. वहीं, ट्रेनों में आपूर्ति के लिए कैटरिंग क्षेत्र के पेशवरों को ठेके दिए जाएंगे. खाने की गुणवत्ता की परख के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा. ट्रेन में वेंडरों को नई यूनिफार्म दी जाएगी. सभी ट्रेनों में वेंडरों की यूनिफार्म एक जैसी होगी. इस पर वेंडर की नेम प्लेट होगी.