लैपटॉप खरीदने की सोच रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान, नहीं पड़ेगा पछताना

71
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: आज के वक्त में जितना जरूरी सांस लेना है उतना ही जरूरी टेक्नोलॉजी के साथ खुद को अपडेट करना भी है। ऐसे में चाहे कालेज गोइंग स्टूडेट्स हों या फिर वर्किंग लोग , हर कोई खुद को अप टू डेट रखने की जुगत में लगा रहता है। स्मॉर्टफोन के बाद अगर कोई सबसे जरूरी गैजेट्स किसी की लाईफ में होता है तो वह है लैपटॉप , जी हाँ लैपटॉप की मदद से ही टैक्नोलॉजी के इस दौर में जरूरी काम निपटाए जाते हैं।

फिर चाहे स्कूल का प्रोजेक्ट वर्क हो या आफिस का काम, हर काम को लैपटॉप आसान बना देता है। ऐसे में जब भी लैपटॉप खरीदने की बात आती है तो हर कोई संशय में रहता है कि कौन सा लें और कौन सा नहीं। अगर आप भी लैपटॉप खरीद रहे हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

ऑपरेटिंग सिस्टम

लैपटॉप खरीदते समय यह बात हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि लैपटॉप में ऑपरेटिंग सिस्टम है या फिर बेसिक ऑपरेटिंग सिस्टम (MS-Dos) दिया गया है। अगर, लैपटॉप में ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं डला हुआ है तो आपको अलग से ऑपरेटिंग सिस्टम डलवाना होता है। इसके लिए आपको अलग से खर्च करना पड़ सकता है। इसलिए, लैपटॉप खरीदते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि लैपटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आ रहा है कि नहीं। ऐसे में आप हमेशा ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आने वाले लैपटॉप को खरीदें।

आजकल बाजार में प्री-इन्स्टॉल्ड ऑपरेटिंग सिस्टम वाले कई ब्रांड्स के लैपटाप मौजूद हैं। ऐसे में अगर हम सही ऑपरेटिंग सिस्टम वाले लैपटॉप नहीं खरीदते हैं तो हमें उसमें फिर से नया ऑपरेटिंग सिस्टम डलवाना पड़ता है। ऐसे में लैपटॉप खरीदने से पहले आपको सही ऑपरेटिंग सिस्टम का चुनाव करना चाहिए। सबसे ज्यादा लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम में माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज 7, विंडोज 8, विंडोज 10 के अलावा, एप्पल के आइओएस 10 एवं 11, गूगल क्रोम ओएस, उबन्तु हैं। आप जिस ऑपरेटिंग सिस्टम पर आसानी से काम कर सकते हैं उस ऑपरेटिंग सिस्टम वाले लैपटॉप को चुनना आपके लिए बेहतर होगा।

प्रोसेसर और रैम

इन बाहरी फीचर्स के अलावा आपको कुछ तकनीकी फीचर्स के बारे में भी पता होना चाहिए। लैपटॉप खरीदते समय इन इंटरनल फीचर्स के बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए। आमतौर पर हमें ज्यादा रैम और प्रोसेसर वाले लैपटॉप खरीदना चाहिए ताकि उसमें आपके काम के मुताबिक सॉफ्टवेयर डाला जा सके। कई जरूरी सॉफ्टवेयर्स कम रैम पर काम नहीं करते हैं। इसलिए लैपटॉप खरीदने से पहले इसके प्रोसेसर और रैम के अलावा इंटरनल स्पेसिफिकेशन्स के बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए। हमारी सलाह यह है कि कम से कम 4जीबी रैम वाला लैपटॉप खरीदें साथ ही उसमें लेटेस्ट प्रोसेसर होना चाहिए।

बैटरी

लैपटॉप को पावर देने के लिए उसमें बैटरी दी जाती है। लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाले बैटरी लिथियम-ऑयन का बना होता है। इन बैटरी की क्षमता ज्यादा होती है तो लैपटॉप का इस्तेमाल आप लंबे समय तक कर सकते हैं। लिथियम-ऑयन बैटरी द्वारा संचालित होने वाले लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाले बैटरी की एमएएच जांच लें। जितनी ज्यादा एमएएच होगी उतना ही लंबा बैटरी बैकअप होगा। ऐसे में अगर आप लैपटॉप पर ज्यादा काम करते हैं तो आपको ज्यादा बैटरी बैकअप वाले लैपटॉप को लेना ही ठीक रहेगा।

की-बोर्ड

अगर आप लैपटॉप पर ज्यादा काम करते हैं तो आपको हमेशा सॉलिड की-बोर्ड वाले लैपटॉप खरीदना चाहिए। ऐसा इसलिए कि इससे आपके की-बोर्ड के बटन के जल्दी खराब होने की संभावना बनी रहती है। वहीं, अगर आप बिजनेस लैपटॉप खरीदना चाहते हैं तो की-बोर्ड में जी और एच की के बीच में नब जरूर चेक कर लें। इस नब की मदद से आप अपनी उंगली आसानी से की-बोर्ड पर रख पाएंगे। सही की-बोर्ड वाले लैपटॉप से आपको काम करने में आसानी होगी।