अगर आप भी बडे-बुजुर्गों के सम्मान में छूते हैं उनके पैर, तो होगा ये अद्भुत “एनर्जी ” और “ग्रहों वाला फायदा”

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हरिद्वार- न्यूज टुडे नेटवर्क: भारतीय संस्कारों में अभिवादन के तौर पर अपने बडे -बुजुर्गों के पैर छूने की परंपरा अपनाई जाती है। यूं तो अभिवादन के कई तरीके भी हैं। हाथ जोड़कर प्रणाम करना और चरण स्पर्श करना अभिवादन ही है परन्तु चरण स्पर्श करना एक विशेष आध्यात्मिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है। सही तरीके से चरण स्पर्श करके अद्भुत लाभ हो सकते हैं। ज्योतिष के जानकर बताते हैं कि चरण स्पर्श करने से भाग्य बेहतर हो सकता है, संकट मिट सकते हैं और ईश्वर की अनुभूति हो सकती है।

 इस वजह से होता है चरण स्पर्श से लाभ 

दरअसल हर व्यक्ति के अंदर एक विशेष तरह की ऊर्जा होती है। यह व्यक्ति के हाथों और पैरों की अँगुलियों में प्रवाहित होती रहती है।  ऐसे में जब कोई व्यक्ति किसी के पांव छूता है तो यह ऊर्जा स्पर्श से एक दूसरे तक पंहुच जाती है। हाथों से पैरों को स्पर्श करते ही व्यक्ति ऊर्जा खींच लेता है। इसी प्रकार से सिर पर हाथ रखते ही व्यक्ति अपनी ऊर्जा दे देता है।ऐसे में अगर ऊर्जा शुभ है तो तत्काल लाभ होता है।

चरण स्पर्श करने के नियम 

चरण, उसी के स्पर्श करें, जिसके प्रति मन में श्रद्धा हो और जो श्रद्धा के योग्य हो। अगर झुककर चरण स्पर्श कर रहे हैं तो हाथों की अँगुलियों से पैरों का अंगूठा छुएं। अगर घुटनों के बल बैठकर कर रहे हैं तो अपना सर चरणों में रक्खें। साष्टांग प्रणाम केवल अपने गुरु या ईष्ट को करें, अन्य किसी को नहीं। महिलाओं को साष्टांग प्रणाम करना मना है। जब भी कोई चरण स्पर्श करे तो उसके सर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दें। माता पिता को अपनी पुत्रियों से चरण स्पर्श नहीं करवाने चाहिए।

पांव छूकर करें ग्रहों को अनुकूल

ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक जब भी हम पूरे श्रद्धाभाव के साथ अपने बड़े- बुजुर्गों के चरण छूते हैं तो उससे हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले ग्रहों की स्थिति में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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  • पिता के चरण स्पर्श करने से सूर्य की पीड़ा समाप्त होती है।
  • माँ के चरण स्पर्श करने से चन्द्रमा अनुकूल होता है।
  • स्त्री के चरण स्पर्श करने से बुध और शुक्र मजबूत होंगे।
  • भाई और बहन के चरण स्पर्श करने से मंगल की समस्याएं दूर होंगी।
  • वृद्ध व्यक्ति के चरण स्पर्श करने से बृहस्पति मजबूत होगा।
  • सात्विक, सदाचारी और ईमानदार व्यक्ति के चरण स्पर्श से शनि, राहु, केतु नियंत्रित होंगे।
  • संतों और महात्माओं के चरण स्पर्श करने से हर तरह की बाधा दूर होती है।