बच्चे कर देते है बिस्तर गीला तो करें ये आसान उपाय

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नईदिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : छोटे बच्चों का कहीं भी पेशाब कर देना आम बात होती है, खास करके रात में सोते समय नींद में पेशाब करना। यदि 3-4 वर्ष की आयु होने पर भी बच्चा बिस्तर पर पेशाब करे तो यह एक बीमारी मानी जायेगी। बच्चे को इस बीमारी से बचाने के लिए शैशवकाल से ही कुछ सावधानियां रखना जरूरी होता है। उसे सोने से पहले शू-शू कि आवाज करते हुए पेशाब करा देनी चाहिए। शाम को 8 बजे के बाद ज्यादा पानी नही पिलाना चाहिए। रात 1-2 बजे के लगभग उसे धीरे से जगाइए और शौचालय में ले जाइए, जहाँ उसे पेशाब करने के लिए फुसलाइए या प्रेरित कीजिए। यदि बच्चा नहीं जागता है, तो उसे धीरे से उठाकर शौचालय में ले जाइए और पेशाब कराइए। जिस कमरे में बच्चा सोता है, उस कमरे में रात्रि में मंद लाइट जलाकर रखें, जिससे बच्चा रात्रि में खुद अकेले जाकर बाथरूम में मूत्र का त्याग कर सकें ।

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70 प्रतिशत बच्चों में पाई जाती है समस्या

6 साल से बड़े उम्र के बच्चे अगर बिस्तर गीला करें तो उसका कारण जानना बेहद जरूरी है। बड़े बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार,70 प्रतिशत बच्चे जिनमें पेशाब करने की समस्या पाई जाती है, यह भी पाया गया कि उनके मां-बाप भी बचपन में बिस्तर पे पेशाब करते थे। डीएनए में मौजूद क्रोमोसोम के द्वारा यह शारीरिक गुण मां या बाप से बच्चे में आता है। अगर अपने बच्चे की बिस्तर पर पेशाब करने की आदत से परेशान हैं तो ऐसे में हम आपको कुछ टिप्स बताएंगे, जिससे आप अपने बच्चे को बिस्तर पर पेशाब करने से रोक सकते हैं।

बिस्तर पर पेशाब करने का घरेलू इलाज

छुआरा : अगर आपका बच्चा बिस्तर गीला करता है तो उसे रात को सोने से पहले 2-3 छुहारे खिलाएं। साथ ही यह भी ध्यान रखों कि शाम होने के बाद उन्हें तरल पदार्थ न पिलाएं तथा भोजन तथा में आलू का हलवा बनाकर खिलाएं। इस उपचार से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

तिल और गुड़ : तिल और गुड़ को साथ लेकर मिला कर उसका मिश्रण बना लें। इसे खिलाने से बच्चे का बिस्तर पे पेशाब करने का रोग खत्म हो जाएगा। तिल और गुड़ के इस मिश्रण में अजवायन का चूर्ण मिलाकर बच्चे को खिलने से और भी कई शारीरिक फायदे पहुंचते हैं।

दूध और शहद : 1 कप ठंडा दूध लें और उसमें 1 चम्मच शहद मिला लें। इस चीज को सुबह शाम बच्चे को कम से कम 40 दिनों तक पिलाए। इसके दूध के साथ अपने बच्चे को तिल-गुड़ का एक लड्डू रोज सुबह खाने को दीजिए। लड्डू के सेवन से कोई नुकसान नहीं होता।

अखरोट और किशमिश : बच्चों को प्रतिदिन दो अखरोट व 10-12 किशमिश के दाने 15-20 दिनों तक खिलाएं। उनका बिस्तर में पेशाब करने की आदत दूर हो जाएगी। व दो ग्राम पिसी हुई मिश्री मिलाकर एक चम्मच मात्रा की फंकी बच्चे को दें। उसके ऊपर से शीतल जल पिलाएं इससे बिस्तर में पेशाब करने का रोग दूर हो जाएगा।

आंवला : एक ग्राम पिसा हुआ आंवला, एक ग्राम पिसा हुआ काला जीरा व दो ग्राम पीसी हुई मिश्री मिलाकर एक चम्मच मात्रा कि फंकी बच्चे को दें। इसके ऊपर से शीतल जल पिलाएं। इससे बिस्तर में पेशाब करने का रोग दूर हो जाएगा। 50 ग्राम सूखा आंवला व 50 ग्राम काला जीरा को कूट-पीस कर 300 ग्राम शुद्ध शहद में मिला लें। इसमें से छह ग्राम सुबह-शाम बच्चों को चटाएं।

शाम को पानी कम मिलाएं : अगर आप पानी की खुराक पर दें ध्यान-बच्चे को सुलाने से पहले उसे पानी न पिलाएं, इससे वह पूरी रात बिना उठे सोएगा और सीधे दिन में ही उठेगा।