हल्द्वानी के बेटे के सामने ‘Google’ हुआ नतमस्तक, हुई डॉलर की बरसात…

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हल्द्वानी : (चयन राजपूत) देवभूमि के नौजवान देश में ही नहीं विश्व में भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रहें हैं. दुनिया में आइटी क्षेत्र में पहचान बनाने वालों में हल्द्वानी के विकास सिंह बिष्ट(साइबर एक्सपर्ट) का नाम भी शामिल हो गया है. विकास ने गूगल की एक वेबसाइट में गलती ढूंढ निकाली. Google की सिक्योरिटी टीम ने गलती स्वीकारी और उसमें सुधार किया. उधर जैसे ही विकास की उपलब्धि की जानकारी उनके दोस्तो और परिचितों को लगी तो विकास को बधाई देने वालो का तांता लग गया.

vikash Singh Bisht

विकास मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के मिर्थी में रहने वाले सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं. विकास के पिता चंदन सिंह बिष्ट धारचूला के जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक हैं. विकास ने मेरठ से इंटीग्रेटेड ग्रेजुएशन इन साइबर सिक्योरिटी (आइजीसीएस) का कोर्स किया है. वर्तमान में विकास इंडियन साइबर डिफेंस एलाइंस संस्था के चीफ ऑपरेशन ऑपरेटर के तौर पर हल्द्वानी में वेब एप्लीकेशन सिक्योरिटी रिसर्च, एथिकल हैकर और ट्रेनर के रूप में काम कर रहे हैं उनके साथ इस टीम में सत्यम रस्तोगी, राहुल सिंह,अक्षद खन्ना, धनंजय और रंजीत सिंह भी हैं.

Google ने दिए विकास को 100 डॉलर

 

साथ ही इस साल गूगल में गलती ढूंढने वाले विश्व के कुल 980 आइटी एक्सपर्ट में 322वें पेज में विकास का नाम शामिल कर दिया गया है. गूगल ने अपने बगहंटर प्रोग्राम के भीतर वलनरेबिलिटी रिवार्ड प्रोग्राम के तहत हाल ऑफ फेम में विकास की प्रोफाइल डालकर प्रोत्साहित भी किया है. इसके साथ ही 100 डॉलर प्रोत्साहन राशि देने की मेल भी विकास को मिली है.

न्यूज टूडे नेटवर्क से विशेष बातचीत में विकास ने बताया कि उन्होंने 14 नवंबर को गूगल के कैगिल डॉट कॉम नाम की वेबसाइट पर क्रापसाइट स्क्रिप्टिंग में गलती देखी. इस गलती को उन्होंने तुरंत गूगल की सिक्योरिटी साइट को भेजा. गूगल की सिक्योरिटी टीम (एडवरडो गूगल सिक्योरिटी टीम) ने गलती को सही माना और उसमें सुधार किए.

वह इस साल उत्तराखंड के पहले व्यक्ति हैं, जिसने गूगल में गलती ढूंढी है. विकास ने बताया कि गूगल ने उन्हें भविष्य में अपने सिक्योरिटी प्रोग्राम से जुड़ने के लिए आमंत्रित भी किया है.

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