नैनीताल में शुरू होने जा रही इस वर्कशॉप में टीचर्स और विद्यार्थियों को मिलेगी ये सौगात

173
Facebooktwittergoogle_pluspinterest

हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क:  शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला की शुरूआत 5 जून से होने जारही है। तीन दिन तक चलने वाली इस कार्यशाला के प्रारंभ होने से पूर्व आज उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यशाला की से पूर्व तैयारियों एंव आगामी योजनाओं के संदर्भ में खास बातचीत की गई।

इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचिव अतुल कोठारी ने बताया कि देश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता को देखते हुए देश के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, केंद्र सरकार के शिक्षा विभाग के कई अधिकारी ,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

बैठक लेते शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचीव अतुल कोठारी

उन्होंने बताया कि 5 जून से 7 जून तक नैनीताल के प्रेमा जगाती सरस्वती विहार स्कूल में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जो कि शिक्षा कार्यशाला न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव विख्यात शिक्षाविद् दीनानाथ बत्रा की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इस दौरान देशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति, भारत सरकार के केन्द्रीय संस्थानों के अधिकारी, शिक्षाविद्, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे।

सरकार की नई नीतियों पर होगा विचार-विमर्श

तीन दिवसीय शैक्षिक कार्यशाला के दौरान केन्द्र सरकार के द्वारा प्रस्तावित नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारतीय भाषा में उच्च शिक्षा, न्यायालयों में भारतीय भाषा में कार्यों के होने, देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में वैदिक गणित के पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने से लेकर राज्यों में प्रस्तावित ज्ञानोत्सव एंव न्यायधीशों की बैठको की योजना तथा वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य पर प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

कार्यशाला के प्रथम यानी 5 जून 2018 को न्यास के द्वारा “शिक्षा नें नए विकल्प” के प्रारूप की पुस्तिका पर आगामी वर्ष देशभर में परिचर्चाएं, गोष्ठियाँ आयोजित करके सुझाव निमंत्रित किये जायेंगे। इस दौरान योग्य सुझावों को सम्मिलित करके देश के समक्ष देश, समाज एंव छात्रों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली शिक्षा के लिये पुस्तक प्रकाशित की जायेगी। जिसकी शुरूआत नैनीताल से की जायेगी।

जिसमें आई.सी.एस.एस.आर के सदस्य सचिव प्रो.वी.के. मल्होत्रा, आई.सी.एच.आर के सदस्य सचिव प्रो. रजनीश शुक्ला, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन, एनआईटी के निदेशक डॉ. एच.के. शर्मा, एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्ष कुमार एवं विभिन्न विश्विद्यालयों के कुलपति उपस्थित रहेंगे।