हल्द्वानी – बेटियों की जिंदगी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पड़ाव है “मंगली एक पटकथा”, पढकर हो जायेंगे भावुक

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क:ल्द्वानी में 15 अप्रैल को पहली बार आयोजित हुए लिटरेचर फेस्टिवल में देशभर के साहित्य से जुडे चर्चित हस्तियों का जमवाडा लगा । इस दौरान हिन्दी मडिया जगत की कई हस्तिया मौजूद रही । लिटरेचर फेस्ट में वरिष्ठ पत्रकार दिनेष मानसेरा की पुस्तक मंगली एक पटकथा का विमोचन किया गया । आम्रपाली ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट एवं कार्डियल द्वारा आयोजित 5 सत्रों में चलने वाले हल्द्वानी लिटरेचर फेस्ट का शुभारम्भ वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पन्त ने किया। मशहूर आर्टिस्ट सीमा बख्शी द्वारा लगाई जा रही आर्ट गैलरी के साथ ही इस फेस्ट में साहित्यकारों के लिये बुकवर्ड पब्लिकेशन द्वारा देश के जाने माने लेखकों व कवियों के साहित्यों की विशाल प्रदर्शनी भी लगाई गई।

कुछ इस तरह जानी मानी हस्तियों के बीच हुआ पुस्तक “मंगली- एक पटकथा ” का विमोचन

 क्यों है खास “मंगली- एक पटकथा”

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश मानसेरा की पुस्तक “मंगली- एक पटकथा” ने लिटरेचर फेस्टिवल में आकर्षण का केन्द्र रही। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक द्वारा भारतीय परिवारों में मंगली कुंडली वाली लड़की के जीवन का ताना बाना बड़े ही रोचक ढंग से पिरोया गया है। किस तरह से मंगली होने की वजह से लड़की को शादी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, इस दर्द को भी मंगली- एक पटकथा में बखूबी उकेरा गया है। समाज की रूढिवादिता पर “मंगली एक पटकथा” बखूबी प्रहार करती है।

मशहूर लेखिका गीताश्री ने “मंगली एक पटकथा” की जमकर की तारीफ

मंगली-एक पटकथा का पहला रिव्यु देते हुए एनडीटीवी न्यूज़ एंकर निधि कुलपति ने कुछ यूं लिखा- “टीवी न्यूज पत्रकार दिनेश मानसेरा ने लिखी, इस किताब के पन्ने कैसे पलटते गये ? पता नही चला…लगा फ़िल्म का स्क्रीन प्ले सा पढ़ रही हूं…..एक भावुक कहानी जो कुछ मान्यताओं पर वाजिब सवाल उठाती हैं…चाहे देश में बसे या विदेश में ये मान्यताएँ इस सदी में भी हमारे समाज के ताने बाने में बसी हुई है….. पंजाबी संस्कृति भी कुछ और सीखने को मिली…

जानी मानी लेखिका गीताश्री ने इस किताब को उपन्यास लाइव बताया । उन्होंने कहा कि ये एक नई विधा से लिखा गया एक प्रयोग है जिसका फैसला पाठकों पर छोड़ देना चाहिए वही आखिरी अदालत है।

अपनी पुस्तक के विमोचन के अवसर पर लेखक दिनेश मानसेरा ने कहा कि मेरे जो भी जेहन में आया ईमानदारी से लिख दिया। मैं कोई साहित्यकार नही हूँ, हां यदि में इसके जरिये नई पीढ़ी के पाठकों से कनेक्ट होजाता हूँ तो अपने आप को धन्य मानूंगा मैंने साफ लिखा है कि ये एक पटकथा है ।

ऐसे में अगर आप भी “मंगली – एक पटकथा” के अनूठे मार्मिक, साहित्यिक अनुभव का लाभ लेना चाहते हैं तो यह पुस्तक आपको बुकवर्ल्ड और हल्द्वानी में मुखानी स्थित थॉट्स बुक हाउस में आसानी से उपलब्ध हो जायेगी।