लड़कियाँ जब देखती है एडल्ट वीडियो, तो वो करतीं हैं कुछ ऐसा, जानकर हैरान हो जाएंगे आप..

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : हमारे देश के युवाओं ने पाश्चात्य सभ्यता से भले ही कुछ सीखा हो या न सीखा हो मगर एडल्ट फिल्मों में उनका मुकाबला शायद विदेश भी नहीं कर सकता जी हां हम बात कर रहे हैं भारत में एडल्ट फिल्मे देखने वालों की लगातार बढ़ती तादात की। लगातार एडल्ट फिल्मों का कारोबार भारत में बढ़ रहा है, लेकिन अब ये चिंता का विषय बनता जा रहा है आपको बता दें कि अब तक इन एडल्ट फिल्मों को देखने वालों की भीड़ में लडक़े ही थे, मगर अब ये फिल्में लड़कियां भी बड़े चाव से देखने लगी हैं। यूएई के एक सर्वे के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा 90 प्रतिशत लड़कियां खुद एडल्ट फिल्में देखकर खुद को संतुष्ट करती हैं, साथ ही उनके दिमाग पर भी इस प्रकार की फिल्में घर कर लेती हैं।

भारतीय महिलाओं में पोर्न फिल्में देखने की प्रवृत्ति पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गई है। जब भारत में ऑनलाइन पोर्न फिल्में देखने की बात आती है, भारत धीरे-धीरे अन्य देशों की बराबरी करता दिख रहा है। ताज्जजुब की बात तो ये है कि न केवल भारतीय पुरुष बल्कि भारतीय महिलाएं और लड़कियां भी इस मामले में कम नहीं हैं। तो आइए आपको बताते हैं कि लड़कियों पर एडल्ट फिल्मों का प्रभाव क्या होता है।

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सेक्स की लत

नियमित रुप से एडल्ड वीडियो देखने का जो पहला प्रभाव होता है वह है सेक्स की लत। अश्लील सामग्री से यौन उत्तेजना या कामोत्तेजक बढ़ती है और धीरे धीरे लड़कियां इसकी आदी हो जाती हैं। पोर्नोग्राफ़ी बहुत रोमांचक और पॉवरफुल इमेजरी प्रदान करती थी, जिसे वे अक्सर महसूस करना चाहती हैं और उनकी कल्पनाएं कुछ इसी तरह कि हो जाती हैं। एक बार आदी हो जाने पर वे तलाक, परिवार को नुकसान और कानूनी समस्याएं (जैसे यौन उत्पीडऩ, उत्पीडऩ या साथी कर्मचारियों का दुरुपयोग) जैसी परेशानियों में फंस सकती हैं।

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दिमाग पर एडल्ट फिल्मों का प्रभाव

एडल्ट फिल्में देखने के प्रभाव लडक़े और लड़कियों दोनों पर पड़ता है। शोध के मुताबिक, जो पुरुष या महिला अधिक मात्रा में इस प्रकार के वीडियो देखते हैं उनके दिमाग की रचनात्मकता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। रिसर्च के मुताबिक, इस तरह के वीडियो देखने वाले लोगों में याददाश्त की समस्या भी आने लगती हैं। शोध के मुताबिक, लड़कियों पर एडल्ट फिल्मों का प्रभाव उनकी यादाश्त क्षमता के कम होने के रुप में दिखाई देता है। नियमित रुप से पोर्न देखने से दिमाग की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और सिकुड़ सी जाती हैं।

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अवैध सम्बन्धों को मिलता है बढ़ावा

लड़कियों पर एडल्ट फिल्मों का प्रभाव सबसे भयानक तब हो जाता है जब वो इस तरह के वीडियो देखने के बाद अवैध सम्बन्धों को बुरा नहीं मानती हैं। ऐसे संबंध न केवल लड़कि के लिए बल्कि समाज के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। इसके बावजूद नियमित रुप से पोर्न फिल्में देखने पर उनमें इसकी प्रवृत्ति बढ़ती जाती हैं। दिमाग को शांत करने और अपनी उत्तेजना पर काबू न रहने के कारण वो अक्सर गलत कदम उठा लेती हैं।

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समाज से अलगाव

एडल्ट फिल्में भले ही भारत में सबसे ज्यादा देखी जाती हो। लेकिन, आज भी इन्हें छुप छुप कर ही देखना होता है। अगर किसी को इसकी लत लग जाये तो लोग अक्सर उससे किनारा करना शुरु कर देते हैं। भले ही भारत 21 वीं सदी में खड़ा हो लेकिन आज भी देश में महिलाओं के पोर्न देखने की बात समाज को पचती नहीं है। इसलिए पोर्न देखना समाज से अलगाव का कारण भी बनता है।