251 रूपये में फोन बेचने वाला मोहित फिर पकड़ा गया, इस बार अपनी पार्टनर के साथ गैंगरेप किया

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नई दिल्ली[न्यूज टुडे नेटवर्क]. 10 जून, 2018 को नेताजी सुभाष पैलेस के एक मॉल से तीन लोगों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया. ये तीनों एक हनीट्रैप रैकेट के सदस्य थे. इस रैकेट का नाम हनीट्रैप इसलिए रखा गया था क्योंकि ये रैकेट किसी को क्राइम में फंसाता या फिर झूठा आरोप लगाता और फिर ब्लैकमेल करके पैसा वसूलता. अबकी बार ये रैकेट गैंगरेप के एक मामले को लेकर ब्लैकमेलिंग कर रहा था.

इस गैंगरेप के मामले को दबाने के लिए जो 3 लोग धरे गए उनमें से एक ‘रिंगिंग बेल’ का फाउंडर मोहित गोयल है, दूसरा उसका भाई और तीसरी एक औरत है जो पहले ‘रिंगिंग बेल’ में काम करती थी. इस औरत ने पांच व्यवसायियों के खिलाफ गैंगरेप केस दर्ज कराया और केस वापस लेने के 5 करोड़ रुपये की मांग की. लेकिन मांडवली करके सौदा 3 करोड़ में फिक्स हुआ.

3 करोड़ में से सवा करोड़ रुपए पहले ही दिए जा चुके थे. अबकी पच्चीस लाख की इनस्टॉलमेंट दी जानी थी. ये सारा लेन-देन दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस में स्थित एक शॉपिंग मॉल में होना तय हुआ था. लेकिन गैंगरेप के आरोपियों ने पुलिस को पहले ही इन्फॉर्म कर दिया था कि लड़की पैसे लेने आ रही है. यूं इस हनीट्रैप गुट के तीनों सदस्यों को आरोपियों से 25 लाख रुपये लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया.घरवालों ने महिला और उसके साथियों से मोबाइल पर पैसे के लेन-देन को लेकर हुई पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्ड भी पुलिस को सौंप दी .

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने पच्चीस लाख रुपये और अन्य कागज़ात जब्त किए…

युवती के अनुसार ‘रिंगिंग बेल’ के फाउंडर ने गैंगरेप ऐसे किया…

1 महीने पहले की ही बात है जब पुलिस ने अलवर के भिवाड़ी में एक होटल से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके चंगुल से एक युवती को मुक्त कराया था. पांचों आरोपी और युवती दिल्ली के रहने वाले थे. इस युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उससे भिवाड़ी में अपनी कंपनी के लिए एक इवेंट ऑर्गनाइज करवाने के लिए कहा. इसी बहाने वे उसे अपने साथ दिल्ली से भिवाड़ी लेकर आ गए. भिवाड़ी में वे एक होटल में रुके, जहां उन्होंने लड़की को ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया. इसके बाद पांचों ने युवती के साथ रेप किया.

उस युवती ने इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी. सूचना पाकर भिवाड़ी पुलिस घटना वाले होटल पहुंची और दबिश देकर पांचों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.

आपको याद है ‘रिंगिंग बेल’ का 251 वाला फ्रीडम स्मार्टफोन

मोहित गोयल अपनी पत्नी के साथ

आज से ढाई साल पहले यानी सितंबर 2015 में बनी कंपनी, ‘रिंगिंग बेल’, 5 महीने बाद ही पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गई. उसने 18 फ़रवरी, 2016 को एक नए और सस्ते स्मार्टफोन की घोषणा की. सस्ता मतलब बहुत ही सस्ता केवल 251 रूपये के इस स्मार्टफोन को लेने के लिए लोगो ने ऑनलाइन बुकिंग कि क्योंकि ये फोन केवल रिंगिंग बेल की वेबसाइट पर ही उपलब्ध था. 30 हजार से भी ज्यादा लोगो ने इस फोन को बुक किया लेकिन बाद में किसी के घर फोन नहीं पहुंचा.

बाद में पता चला ये सारा कंपनी के फाउंडर ‘मोहित गोयल’ का बनाया हुआ फर्जीवाड़ा था. कंपनी से लेकर वेबसाइट तक बंद हो गई. होने को नोएडा क्राइम ब्रांच ने इस पूरे मामले में मोहित को क्लीन चिट दे दी थी. लेकिन इस फोन के डिस्ट्रीब्यूशन में हुए एक फ्रॉड के चलते मोहित को पुलिस ने पकड़ लिया था.