फिल्म रिव्यू :- राज़ी, मूवी देखने के बाद “देशभक्ति का जुनून छा जाएगा”

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[न्यूज टुडे नेटवर्क]. आलिया भट्ट की फिल्म ‘राज़ी’. इस फिल्म में आलिया का नाम ‘सहमत’ है. डॉयरेक्टर ने फिल्म ‘राज़ी’ नाम इसलिए रखा क्योंकि ‘सहमत’ का किरदार देश के लिए कुछ अजीब करने के लिए ‘राज़ी’ हो जाता है.

अजीब मतलब- एक पाकिस्तानी आर्मी अफसर से शादी करके पाकिस्तान में रहना और भारत देश के लिए जासूसी करना.

राज़ी फिल्म:- रिव्यू

सहमत एक कश्मीरी लड़की है. दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती है. भोली और सेंसेटिव है. अपना खून देखकर ही उसे चक्कर आने लगता है. वही लड़की कहानी में आगे जाकर एक आदमी को दो बार गाड़ी से कुचलकर मारती है. सहमत के पापा और दादा पाकिस्तान के दोस्त बनकर हिन्दुस्तान के लिए जासूसी करते थे. लेकिन अब पापा के पास समय नहीं है और उधर 1971 युद्ध में पाकिस्तान कुछ बड़ा प्लान कर रहा है. इंडिया के खिलाफ. 1965 का बदला लेने के लिए. इसलिए अब पापा वाला काम सहमत करती है.हिन्दुस्तान की आंख-कान बनकर. पाकिस्तानी आर्मी अफसर से शादी करती है और पाकिस्तान की इंफोर्मेशन भारत में भेजती है.

हिंदुस्तान की आंख-कान बनकर” का मतलब समझे…

पाकिस्तान जाने से पहले सहमत को एक आदमी ट्रेनिंग देता है. वो आदमी ही उसे लड़ना और माइंड कंट्रोल करना सिखाता है. फिर जब सहमत पाकिस्तान में एक आदमी का कत्ल करती है उसके बाद वो बाथरूम में झरने के नीचे खड़ी हो जाती है. इस सीन में ये दिखाया गया है कि सहमत उस भाव को धोकर खुद को पवित्र करती है. ये फिल्म एक ऐसी लड़की के ऊपर बनीं है जो आपकी और हमारी तरह ही है. एकदम साधारण सी. अपना मिशन पूरा करके उसके जीवन में फिर एक बड़ा बदलाव आता है और वो बदल जाती है. सबकुछ खत्म करने के बाद उसे वापस उसी साधारण अवस्था में आना पड़ता है.

इस फिल्म की सबसे अच्छी बात है इसका थ्रिल, जो लगातार बना रहता है. इस फिल्म की फ्लो और स्पीड इतनी अच्छी है कि आपको एक सेकंड भी भटकने या कहानी से बाहर निकलने का मौका नहीं मिलता है. इस फिल्म में पाकिस्तान के उस घिसे-पिटे चित्रण को भी बखूबी नज़रंदाज करते हुए, उसे देखने का नया नज़रिया दिया है.

राज़ी फिल्म हरिंदर सिक्का के नॉवेल ‘कॉलिंग सहमत’ पर बनी है

हरिंदर सिक्का ने ‘द हिन्दू’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि वो 1999 में कारगिल वॉर कवर कर रहे थे. जहां एक जवान से उन्हें इस महिला जासूस की कहानी के बारे में पता चला. सिक्का उस महिला जासूस की कहानी सुनकर तुरंत उसके पास पहुंच गए. सिक्का ने बताया कि जब वह उनसे मिले तब वो महिला बुजुर्ग हो चुकी थीं. सिक्का ने अपनी नॉवेल में इनका नाम बदलकर रखा ‘सहमत’. 8 साल लगाए सिक्का ने एक सच्ची घटना को कहानी में तब्दील करने के लिए. इसी नॉवेल पर बेस्ड है फिल्म राज़ी…