किसान करेंगे 30 नेशनल हाईवे पर शांति पूर्ण धरना,1 से 10 जून तक शहर में नहीं पहुंचेंगे दूध,फल, सब्जियां

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[न्यूज टुडे नेटवर्क]. देश के करीब 7 राज्यों में किसानों ने आज से आंदोलन शुरू कर दिया है. 1 से 10 जून तक 130 किसान संगठन शहरों में फल- सब्जियां, दूध आदि की सप्लाई नहीं करेंगे. अपने आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसान 30 नेशनल हाईवे पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.

इस बार किसानों ने आंदोलन का केंद्र मध्य प्रदेश को बनाया है. यहां 10 जगहों पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं महाराष्ट्र में 8, हरियाणा में 4, राजस्थान में 3, कर्नाटक में 2, केरला और जम्मू कश्मीर में एक-एक स्थान पर किसान अपना डेरा जमाएंगे.

इस बार किसानों ने जो मांगें सरकार के सामने रखी है वो है देश के किसानों का पूरा कर्जा माफ किया जाए, सभी फसलों पर लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य (MSP) दिया जाए, इसके अलावा छोटे किसानों की आय सुनिश्चित की जाए और फल, सब्जी, दूध के दाम भी लागत के आधार पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य पर तय किए जाएं.

बता दें कि राष्ट्रीय किसान संगठन इस बार पूरी तैयारी से सड़कों पर उतरा है. एक से 10 जून तक चलने वाले आंदोलन को कई चरणों में बांटा गया है. इसमें पहले चरण में 1 जून से फल, दूध, सब्जी की आवक गांवों से शहर में बंद कराएंगे.

इसके बाद 6 जून को मंदसौर गोलीकांड की बरसी को लेकर मरने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. फिर 8 जून को किसान असहयोग दिवस के रुपए में मनाएंगे और आखिर में 10 जून को दोपहर 2 बजे तक पूरा भारत बंद करने का आह्वान किसान संगठनों ने किया है.

राष्ट्रीय किसान संगठन के अभिमन्यु कोहर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, “किसान इस बार शांति पूर्ण आंदोलन करेंगे. कहीं भी रास्ता नहीं रोका जाएगा, बल्कि देश के 30 बड़े नेशनल हाईवे के किनारे किसान बैठकर धरना देंगे”.

कोहर ने आगे बताया कि राष्ट्रीय किसान संगठन को इस बार 200 संगठनों ने समर्थन दिया है. इस बार आंदोलन का स्वरुप अलग है. किसान शहरों में नहीं, बल्कि गांवों में रहकर अपना विरोध दर्ज करेंगे और शहरों में फल-सब्जी आदि की सप्लाई नहीं करेंगे. वहीं, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार आंदोलन को हमने ‘गांव बंद’ नाम दिया है. किसान शहर नहीं जाएंगे और गांवों में रहकर ही अपना विरोध दर्ज करेंगे.

जानकारों का कहना है कि इस बार के किसान आंदोलन का असर कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा. इसका सबसे ज्यादा असर शहरों में पड़ेगा. फल-सब्जी, दूध आदि की सप्लाई नहीं होने की वजह से लोग परेशान होंगे. इसलिए सरकार किसानों की मांगों पर जल्द फैसला ले सकती है.