रमज़ान ईद 2018: तो इस वजह से होती है रमजान ईद बेहद खास, हर मुसलमान को है इस दिन का बेसब्री से इंतजार

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: ईद-उल-फितर जिसे रमज़ान ईद, ईद-उल-फ़ित्र और ईदुल-फितर भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म में मनाया जाने वाला पाक त्यौहार है। जिसे रमजान खत्म होने पर मनाया जाता है। ये महीना इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन के तौर पर भी मनाया जाता है।

मुसलमानों का यह खास त्योहार, ईद रमज़ान का चांद डूबने और ईद का चाँद नज़र आने पर उसके अगले दिन चाँद की पहली तारीख को मनाई जाती है। इस्लामी कैलेंडर के एक साल में 2 ईद मनाई जाती हैं जिनमें से पहली ईद-उल-फितर है और दूसरी ईद उल-जुहा या बकरीद कहलाती है। पहली ईद-उल-फितर पैगंबर मुहम्मद ने सन् 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाई थी।

रमज़ान ईद (ईद-उल-फितर) का है विशेष महत्व

ईद-उल-फितर को इस्लाम धर्म मानने वाले सभी मुसलमान बड़े ही धूम-धाम से मनाते है। रोजे खत्म होने के बाद की खुशी के साथ-साथ इस ईद पर मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा इसलिए भी करते है कि अल्लाह ने उन्हें महीने भर उपवास रखने की शक्ति बक्शी। ईद के दौरान हर मुसलमान अपनी -अपनी सामर्थ्य से बढ़िया – बढ़िया लजीज खाना खाते है और साथ-साथ नए कपड़े भी पहनते हैं।

ईद के दौरान परिवारों और दोस्तों के बीच तोहफों का आदान-प्रदान भी किया जाता है। सिवैया इस त्यौहार की सबसे जरुरी मिठाई है जिसे हर उम्र के लोग बड़े चाव से खाते है। बिना सिवैया के ईद का त्यौहार अधूरा सा होता है , अगर कहें तो गलत नही होगा।

रमज़ान ईद पर जकात और नमाज का है खासा महत्व

रमजान ईद का सभी मुसलमानों के लिए बड़ा महत्व होता है। ईद के दिन मस्जिदों में सुबह की नमाज अदा करने से पहले हर मुसलमान का यह फर्ज होता है कि वह कुछ दान या भिक्षा दे। इस दान को ज़कात उल-फितर कहते है।

ज़कात-उल-फितर में व्यक्ति कोई भी खाने की वस्तु अथवा रूपया दान में दे सकता है। जैसे- जौ, खजूर, किशमिश, आटा आदि। 30 दिनों तक दिन में उपवास रखने के बाद यह पहला दिन होता है जब मुसलमान दिन में खाना खाते है। इसलिए इस त्यौहार की खुशी दोगुनी हो जाती है।

कब दिखेगा ईद का चांद

पूरी दुनिया के मुसलमानों द्वारा ईद-उल-फ़ितर चाँद रात में नये चाँद के दिखने के बाद ही मनाया जाता है। चूंकि दुनिया में जगह-जगह चाँद अलग-अलग वक़्त पर दिखाई देता है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार ईद-उल-फ़ितर की तारीख भी ऊपर-नीचे हो जाती है। भारत में देश की राजधानी दिल्ली के समयानुसार नया चांद 15 जून को 19:16 से लेकर 20:24 बजे तक दिखाई देगा।

ईद-उल-फ़ितर का एक ही मकसद होता है कि हर आदमी एक दूसरें को बराबर समझे और इंसानियत का पैगाम फैलाएं। भाईचारे के इस पर्व पर “न्यूज टुडे नेटवर्क” की ओर से आप सभी को रमजान ईद की दिली मुबारकबाद….