हल्द्वानी- नशे के सौदागरों ने स्कूली बच्चों से जुड़ा किया खुलासा, सुनकर अभिभावकों की उड़ी नींद

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: संजय पाठक- अपने नौनिहालों के भविष्य निर्माण में मां-बाप क्या कुछ नही करते । दिन -रात एक करके माँ-बाप अपने बच्चों की बेहतर से बेहतर पढाई -लिखाई और पालन- पोषण करते हैं। लेकिन समाज में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो काली कमाई के फेर में बच्चों की सेहत ही नही बल्कि भविष्य भी चौपट करने में लगे हुए हैं।

मुखानी पुलिस की पकड़ में ऐसे ही 2 शातिर अपराधी आए हैं जो लंबे समय से हल्द्वानी के तमाम स्कूलों में पढने वाले बच्चों को स्मैक के नशे में झौंकने का काम करते थे। हैरानी की बात यह है कि पुलिस के पकड़ में आए ये दोनों नशे के सौदागर पहले भी इसी जुर्म में 2 बार जेल की हवा खा चुके हैं, बावजूद इसके ये अब तक नशे के खेल को अंजाम दे रहे थे।

स्कूली बच्चों को नशे के गर्त में झौंकने वाले यही हैं वो 2 अपराधी जिन्हें मुखानी पुलिस ने धर दबोचा

स्कूली बच्चों को करते थे स्मैक सप्लाई

दरअसल नशे के खिलाफ पुलिस कप्तान जन्मेजय खंडूरी के निर्देशन में चले रहे अभियान के क्रम में जब 11 मई की सुबह एसओ मुखानी नन्दन सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम हल्द्वानी के आरटीओ रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास गस्त कर रही थी तभी अचानक पुलिस को देख 2 युवक भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने थोड़ी ही दूरी पर दोनों को धर दबोचा। पकड़े गये दोनों युवकों की पहचान साहब सिंह पुत्र भूपेंद्र सिंह निवासी इंजीनियरिंग क्लब पीली कोठी रोड मुखानी और हिमांशु कश्यप पुत्र महेंद्र निवासी का निवासी कालिका कॉलोनी वाली गली दुर्गा कॉलोनी कल्याणपुरा के रूप में हुई है।

स्मैक के नशे में घिरते नौनिहाल

पुलिस ने साहब सिंह की जेब से 3.00 ग्राम स्मैक और हिमांशु कश्यप की जेब से 2 .15 ग्राम स्मैक बरामद की। तलाशी में दोनों अभियुक्तों की जेब से पुलिस को 14500 रूपये भी मिले। पुलिस ने जब स्मैक के कारोबार को लेकर सख्ती से पूछताछ की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दोनों की अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि वो लम्बे समय से मुखानी क्षेत्र के कई स्कूलों में पढने वाले बच्चों को स्मैक मुहैय्या करा रहे हैं ।

इसके साथ ही लामाचौड़, फतेहपुर और आरटीओ रोड में भी उनके खरीददार मौजूद हैं। फिलहाल नशे के दोनों सौदागरों को अपराध संख्या 66/ 2018 एवं 67/18 धारा 8/ 21 एनडीपीएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर सलाखों के पीछे डाल दिया गया है। पुलिस अब नशे के दूसरे सौदागरों की दबिश में जुट गई है।

मां-बाप कृपया ध्यान दें

नशे के सौदागरों के इस खुलासे ने एक बार फिर अभिभावकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर किन वजहों से उनके नौनिहाल नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। कहीं ना कही आज के भागमभाग भरी जीवन शैली में मां-बाप और बच्चों के बीच बढती भावनात्मक दूरी का लाभ नशे के काले सौदगर उठा रहे हैं। ऐसे में समय रहते अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों, व्यवहार पर गौर करने की जरूरत है। इमोशनल बॉडिंग को बढाकर बच्चों के दिल को समझना जरूरी है। तभी नौनिहालों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखा जा सकता है। वरना नशे के सौदागर तो पग-पग पर घूम ही रहे हैं।