उत्तराखंड़ के इस आश्रम में 18 अप्रैल को दुनिया का सबसे बड़ा और वजनी श्रीयंत्र होगा स्थापित, लगेगा भक्तों का तांता

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अल्मोडा: न्यूज टुडे नेटवर्क- हमारे देश में अनेक प्रकार के यंत्र प्रचलित हैं, जिनसे साधक देवी-देवताओं को प्रसन्न करने और जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास करते हैं। इनमें श्रीयंत्र सर्वोपरि एवं सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। हमारे देश में अनेक प्रकार के यंत्र प्रचलित हैं, जिनसे हम देवी-देवताओं को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। इनमें श्रीयंत्र सर्वोपरि एवं सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। श्री यंत्र को धनदाता और सर्व सिद्ध दाता कहा गया है।

ऐसे में देवभूमि उत्तराखंड़ मेंअल्मोड़ा से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित हिमालयी कल्याणिका डोल आश्रम में दुनिया का सबसे बडा व पहला करीब डेढ टन का श्रीयंत्र स्थापित होने जा रहा है, जिसके लिए तैयारी जोरों से चल रही है। 18 अप्रैल को यह श्रीयंत्र डोल आश्रम में स्थापित किया जाएगा। जिसका श्रीगणेश उत्तराखण्ड के राज्यपाल केके पॉल द्वारा किया जाएगा। वहीँ श्रीयंत्र स्थापित के लिए 126 फिट ऊँचे मंदिर का निर्माण किया गया है। श्रीयंत्र स्थापना कार्यक्रम में देश- विदेश से बड़ी संख्या में साधक पहुंचेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीयंत्र के प्रभाव से वातावरण में शांति और खुशहाली का संचार होता है।

डोल आश्रम का मनोहारी दृश्य

जानें क्यों है खास ये श्रीयंत्र

हिमालयी कल्याणिका डोल आश्रम मंदिर में 18 अप्रैल को दक्षिण भारत से मंगाए गए अष्ट धातु से बने डेढ टन के श्रीयंत्र की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद आश्रम में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे। साथ ही 21 अप्रैल से 29 अप्रैल तक स्वामी मुरारी बाबू यहां पर कथा करेंगे।

आश्रम के एक पुजारी ने बताया कि अब तक देश में एक टन का श्रीयंत्र स्थापित किया गया है। यह मध्य प्रदेश के अमर कंटक में स्थित है। लेकिन अब उत्तराखण्ड में पहला डेढ टन के श्रीयंत्र स्थापित होने जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री यंत्र को धनदाता और सर्व सिद्ध दाता कहा गया है। इसकी पूजा से धन की देवी महालक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। इसके पूजन से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।