क्या आपको पता है धरती पर कैसे आया था सोना? सच जानकर रह जाएंगे हैरान

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क : भारत में आभूषण के तौर पर सबसे ज्यादा सोने को पसंद किया जाता है लेकिन काफी कम लोग ये जानते हैं कि धरती पर सोना आया कहां से। हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि धरती पर सोना पिंड के टकराने से आया है। इस टकराव से धरती पर सोने और प्लैटिनम की उत्पत्ति हुई। ये रिसर्च नासा के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर की गई है। इस रिसर्च में ये बात निकलकर आई है कि एक भूमंडलीय पिंड के धरती के केंद्र से टकराने पर धरती पर सोना और प्लैटिनम पहुंचा। जब ये टकराव हुआ, तो उस समय को लेट अक्रीशन कहा गया। इसमें चांद के आकार का पिंड प्लेनेचेसिमैल्स धरती के केंद्र से टकराया। इस टकराव से पृथ्वी पर खनिज पदार्थ आए। रिसर्च में ये भी कहा गया है कि धरती के भार का 0.5 प्रतिशत हिस्सा, इसी टकराव की वजह से आया है। वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि चांद के निर्माण के बाद ऐसे टकराव काफी बढ़ गए थे। ये टकराव 3.8 अरब साल पहले खत्म हुए।

तारों-से

आकाशीय तत्वों की बमबारी की वजह है सोने का निर्माण

काफी लंबे वक्त तक धरती के कोर में समाए रहने के बाद जब मनुष्य काफी ज्यादा चालाक हो गया तो उसने हर एक चीज को धरती के अंदर से निकालना शुरू किया। आपको बता दें कि बिल्बोल्ड ने अपने एक बयान में कहा था कि हमारी खोज ही हमें दिखाती है कि ज्यादातर कीमती धातुओं जिन पर कि हमारी औद्योगिक प्रक्रिया निर्भर है वह सभी सौभाग्यशाली संयोग का नतीजा है। उनके मुताबिक अरबो टन भारी आकाशीय तत्वों की बमबारी की वजह से सोने का निर्माण हुआ। आपको यह बात तो मालूम होगी कि सोने असल प्रारूप में बहुत ही ज्यादा लचीला होता है। जिसकी वजह से शुद्ध सोने का आभूषण कभी भी नहीं बनाया जा सकता।

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धारती पर सोना पिंड टकराने से आया

आपको बता दें कि शुद्ध सोने के आभूषण बनाना काफी ज्यादा मुश्किल होता है जिसकी वजह से आम तौर पर सोने में सिल्वर या फिर कोई अन्य धातु को मिलाया जाता है। जिससे कि सोने का आभूषण अपने रूप में बना रहे। अगर बात सोने की बनने की कहानी की करें तो ऐसा बताया जाता है कि अंदर ग्राउंड खानों से सोने को निकाला जाता है। उसके बाद सोने के उन अयस्को को धोने के बाद मिल में भेज दिया जाता है। जहां की उन सोने के कणों को पीसकर उसका चूर्ण बना लिया जाता है। उसके बाद उस चूर्ण को पारे की परत चढ़ी हुई प्लेटो के ऊपर से गुजारा जाता है और इस तरह सोना तैयार होता है।