नई दिल्ली- रेलवे ने यात्रियों को दी यह बड़ी सुविधा, इस “डिजिटल पहचान” से आसान होगा सफर

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नई दिल्‍ली- न्यूज टुडे नेटवर्क- अगर आप रेल में अक्सर सफर तय करते हैं तो अब आपको रेलवे की तरफ से एक खास तरह की छूट मिलने वाली है। अक्सर रेल में सफर के दौरान पहचान पत्र के रूप में आधार या वोटर आईडी कार्ड दिखाना होता है । ऐसे में कई बार इन जरूरी दस्तावेजों के खराब होने या खोने का डर भी सताता है।

यात्रियों की इन्हीं दिक्कतों को समझते हुए रेलवे ने एक नया कदम उठाया है। इसके तहत अब इन फोटो आईडी के डिजिटल अवतार को स्वीकार करने की मंजूरी दे दी है। हां, रेलवे ने यह जरूर साफ किया है कि इन दस्‍तावेजों में से किसी एक की कॉपी सरकार द्वारा संचालित डिजिटल स्‍टोरेज सर्विस डिजीलॉकर (DigiLocker) में रखनी होगी।

डिजीलॉकर में कोई भी नागरिक अपने आधिकारिक दस्‍तावेज रख सकता है। रेलवे ने इस संबंध में अपने सभी जोन के प्रमुखों को इस आदेश से अवगत करा दिया है। आपको बता दें कि मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत डिजीलॉकर सुविधा मुहैया कराई है। इसमें डीएल या आधार डिजीटल फॉर्मेट में रहते हैं। इसी तरह पैन कार्ड को भी डिजीलॉकर में अपडेट किया जा सकता है।

डिजीलॉकर में ऐसे मान्य होगी आईडी

रेलवे ने जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक अगर कोई यात्री डिजीलॉकर के माध्‍यम से अपना पहचान पत्र दिखाता है तो वह ट्रेन में मान्‍य होगा। इसके लिए जरूरी है आधार या डीएल डिजीलॉकर एकाउंट के ‘इश्‍यूड डॉक्‍यूमेंट’ सेक्‍शन में होना चाहिए। अगर यह दस्‍तावेज यूजर ने खुद अपलोड किए हैं तो वह ट्रेन में मान्‍य नहीं होंगे।

1 जुलाई से हुई वर्चुअल आईडी सिस्टम की शुरूवात

अब केवाईसी के लिए आधार की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने वर्चुअल आईडी सिस्टम की शुरुआत एक जुलाई से कर दी है। इससे केवाईसी पूरा करने के लिए आधार नंबर की जगह 16 डिजिट की वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल हो सकेगा।

टेलीकॉम कंपनियों और दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के पास केवाईसी के लिए इस आईडी का इस्तेमाल कर पाएंगे। दरअसल, यूजर की प्राइवेसी को देखते हुए इस आईडी की शुरुआत की गई है. 31 अगस्त के बाद बैंकों और दूसरे सर्विस प्रोवाइडर भी इस वर्चुअल आईडी पर शिफ्ट हो जाएंगे।