देहरादून- इस महिला प्रिसिंपल से खौफजदा हैं पॉलिटेक्निक कालेज के कर्मचारी, खत पढ़कर उच्चशिक्षा मंत्री भी हिल जायेंगे

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देहरादून- लगता है इन दिनों उत्तराखंड़ के शिक्षण संस्थानों में किसी की बुरी नजर लग गई है। कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी में उच्च शिक्षा निदेशक समेत 5 लोगों के निलंबन की आग अभी थमी भी नही कि अब देहरादून के कौलागढ रोड पर स्थित बी.एस. नेगी महिला प्राविधिक प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारियों ने भी संस्थान की प्रधानाचार्या की मनमानियों से तंग आकर उच्च शिक्षामंत्री Dhan Singh Rawat से गुहार लगाई है।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के नाम पॉलीटेक्निक संस्थान के कर्मचारियों ने कुछ यूं लिखा खत

प्रधानाचार्या पर कर्मचारियों ने लगाये ये गंभीर आरोप

कर्मचारियों ने प्रधानाचार्या पर पुनरीक्षित वेतनमान देने से मना करने, महंगाई भत्ते के भुगतान पर रोक लगाने, देय भत्तों पर रोक लगाने, वेतन विसंगतियों को लम्बे समय से रोके रखना, निजी हितों के लिए कर्मचारियों पर केस लगाकर संस्थान के धन का दुरूपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाये हैं। शिकायती पत्र में कर्मचारियों ने प्रधानाचार्या पर संस्थान के कर्मचारियों की व्यक्तिगत फाइलों से छेड़छाड़ करने और संस्थान में अराजकता का माहौल पैदा करने का भी आरोप लगाया।

Dhan Singh Rawat

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मंत्री जी ! सुनिये हमारी पीड़ा 

अपने शिकायती पत्र में संस्थान के कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा को जाहिर करते हुए लिखा है कि बीते 16 जनवरी को कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रधानाचार्या से बात करने की कोशिश की गई , लेकिन उनकी बात को अनसुना करते हुए प्रधानाचार्या ने तानाशाही रूख इख्तियार कर लिया। यही नही बीते 30 जनवरी को अपने पद का दुरूपयोग करते हुए प्रधानाचार्या ने सभी हाजिरी रजिस्टर और दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिये।

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कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि यह सब प्रधानाचार्या अपनी अनिमितताओं को छुपाने के लिए कर रही हैं। जिसके चलते कर्मचारियों का किसी ना किसी बहाने मानसिक और आर्थिक रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है। यही नही संस्थान के इस अराजक माहौल के चलते करीब 400 छात्राओं का भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है। कर्मचारियों 19 जनवरी के पत्र का हवाला देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से जल्द से जल्द प्रधानाचार्या की तानाशाही से निजात दिलाने की मांग की है।