देहरादून से मिली भारतीय सेना के “बैटल टैंक” को ये खास सौगात, अब सरहद पर दुश्मनों की खैर नही

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: भारतीय सेना के जवानों को जल्द सरहद पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने का एक अचूक हथियार मिलने जा रहा है। बहुत जल्द मेन बैटल टैंक टी-72 को रात के समय दुश्मनों पर वार करने के लिए किसी परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा। इसके लिए कमांडर थर्मल इमेजर कम डे साइट की मदद ली जायेगी। जिससे मेन बैटल टैंक टी-72 की नजर पहले से करीब साढ़े आठ गुना तेज होगी, साथ ही रात के घने अंधेरे में भी दुश्मन को ढूंढ निकालेगी। भारतीय सेना को यह नायाब तोहफा देने में देहरादून स्थित ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री ने कदम बढाये हैं। दरअसल आज दिन तक टैंक की क्षमता केवल दिन के समय ही दुश्मनों पर टारगेट करने की थी, जिसकी वजह से सेना को रात के समय दुश्मनों पर वार करने में दिक्कत आती थी।

मेन बैटल टैंक टी-72

ओएलएफ के महाप्रबंधक संजीव कुमार इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि पहले टैंक की क्षमता दिन में महज 700 मीटर की दूरी तक देखने व मार करने की थी। अब कमांडर थर्मल इमेजर कम डे साइट से रात में भी 5.6 किलोमीटर की दूरी तक हर हलचल का पता लगाया जा सकता है। जबकि 2.8 किलोमीटर की दूरी तक टागरेट की स्पष्ट पहचान कर 1.8 किलोमीटर की दूरी तक उसे सटीक रूप से शूट भी किया जा सकता है।

इस क्षमता को मार्क-2 तकनीक से और पैना करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसके बाद टैंक अधिकतम 6 किलोमीटर की दूरी तक किसी भी हलचल को पकड़ लेगा। साथ ही दुश्मन की पहचान करने की क्षमता तीन किलोमीटर व शूट करने की क्षमता दो किलोमीटर तक बढ़ जाएगी। इसके लिए फैक्ट्री ने भारतीय सेना के लिए 300 साइट बनाने का काम शुरू भी कर दिया है।

जानें क्यों है अचूक “कमांडर थर्मल इमेजर कम डे साइट”

टी-72 की इस थर्मल इमेजर साइट की आर-एंड-डी (अनुसंधान एवं विकास) ओएलएफ ने खुद की है। इस तरह मेक इन इंडिया की तरफ भी फैक्ट्री ने मजबूत कदम बढ़ाया है। इससे पहले टी-72 की कमांडर थर्मल इमेजर कम डे साइट का परीक्षण लेह में माइनस 20 डिग्री सेंटीग्रेड में किया गया । दरअसल माइनस डिग्री के तापमान में सामान्य साइट धुंधली पड़ जाती है। इसके साथ ही 55 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी साइट की क्षमता में कोई कमी नजर नहीं आई। ऐसे में टेंक की दृष्टि को अचूक बनाने के लिए ओएलएफ द्वारा खोजी यह तकनीक भारतीय सेना के लिए किसी सौगात से कम नही है।