देहरादून- नाराज शिक्षकों ने ठोक दिए निदेशालय और सीईओ ऑफिस में ताले, पुलिस फोर्स लेकर पहुंच गए अफसर

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: उत्तराखंड में शिक्षकों और सरकार के बीच तनातनी रूकने का नाम नही ले रही है। आंदोलनकारी शिक्षकों के तबादले से भड़के राजकीय शिक्षक संघ ने एक बार फिर 18 सूत्रीय मांगों को लेकर तालाबंदी शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह दफ्तर खुलने से पहले ही शिक्षकों ने ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय और मयूर विहार स्थित सीईओ कार्यालय पर ताले ठोक दिए।

कुछ इस तरह 18 सूत्रीय मांगों को लेकर नाराज शिक्षकों ने जड़ दिए निदेशालय में ताले

निदेशालय में तालाबंदी खुलवाने के मुद्दे पर शिक्षकों की निदेशक आर.के. कुंवर के साथ गरमागरम बहस भी हुई। इस दौरान संयुक्त निदेशक बीएस रावत की तीखी टिप्पणी पर महामंत्री माजिला ने गुस्से में लाल-पीले हो गए और वही जमीन पर लेट गए।

कोरे आश्वासनों पर जी रहे हैं शिक्षक

तालाबंदी की वजह से सुबह 10 बजे अफसर दफ्तर पहुंचे तो काफी देर तक बाहर ही खड़े रहे। इस दौरान राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष केके डिमरी, महामंत्री सोहन सिंह माजिला ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षक नेताओं का कहना था कि पिछले कई सालों से शिक्षकों को कोरे आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। अब शिक्षक अपनी लंबित मांगो के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आन्दोलन कर रहे हैं तो चंद घंटे में ही संघ पदाधिकारियों का तबादला कर दिया जाता है। अब शिक्षक मांग पूरी होने तक आन्दोलन वापस नही लेंगे।

जिनकी वजह से हो उनका तो ध्यान रखो

सुबह करीब सवा ग्यारह बजे , निदेशक आर.के. कुंवर अफसरों और पुलिस फोर्स के साथ निदेशालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों को समझने का प्रयास किया लेकिन बात बनाने के बजाय बिगड़ती चली गई। शिक्षकों के तेवर देख कुंवर अफसरों के साथ वापस लौट गए।

उन्होंने कहा कि हम अधिकारी-शिक्षक-कर्मचारी स्कूलों और वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए और उन्हीं की वजह से हैं और इस बात को समझना होगा। सरकारी कामकाज में बाधा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आन्दोलनकारी शिक्षकों से सरकारी स्कूलों में पढने वाले बच्चों का भविष्य बनाने की अपील करते हुए वापस शिक्षण कार्य शुरू करने की अपील की।