बेटी कराती थी अपने पिता को स्तनपान, पाप नहीं पुण्य की है ये अद्भुत कहानी

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नई दिल्ली। एक ऐसी यूरोप की पेन्टिंग जिसने ईश्वरीसत्ता,मानवता, पवित्रता,मानवमूल्यो, प्यार के बीच बहस छेड़ दी थी। इस पेन्टिंग को यूरोप के प्रसिद्ध कलाकर बारतोलौमिओ एस्तेबन मुरिलो ने बनाया था और यह उनकी चर्चीत पेन्टिंग में से एक थी। इस पेन्टिंग में एक बुजुर्ग व्यक्ति को एक लड़की के साथ स्तनपान करता दिखाया गया है।

 

 

source : Google

 

पेन्टिंग के पिछे छुपा रहस्य 

बाप बेटी के प्यार की अद्भुत दास्तान इस फोटो को देखकर आप सबके मन मे तरह तरह के विचार आयेंगे, लेकिन इस फोटो की सच्चाई जानकरआपकी आँखो मे आँसू आ जायेंगे । यूरोप के एक देश मे एक आदमी को ताजिंदगी भूखे मरने की सजा सुनाई गयी ,उसे एक जेल मे बंद किया गया, सजा ऐसी थी की जब तक उसकी मौत नही हो जाती तब तक उसे भूखा रखा जाय।

उस बूढ़े आदमी की एक बेटी थी। उस बेटी ने अपने पिता से मिलने के लिए शासक से अनुरोध किया कि वह हर रोज अपने पिता से मिलेगी। उसे मिलने की इजाजत  दी गयी, मिलने से पहले उसकी तलाशी ली जाती कि वह कोई खाने का सामान न ले जा सके।उसे अपने पिता की हालत देखी नही गयी। वो अपने पिता को जिंदा रखने के लिये अपना दूध पिलाने लगी।

जब कई दिन बीत जाने पर भी वो आदमी नही मरा तो पहरेदारों को शक हो गया और उन्होंने उस लड़की को अपने पिता को अपना दुध पिलाते पकड़ लिया, उस लड़की पर मुकदमा चला, और जब  शासक को पहरेदारो ने लड़की को अपने पिता को ‘स्तानपान’ कराने वाली बात बताई तो कानून से हटकर भावनात्मक फैसला सुनाया गया।

उन दोनो को रिहा कर दिया गया।ये पेंटिंग युरोप की सबसे महँगी पेंटिंग है! नारी कोई भी रूप में हो चाहे माँ हो चाहे पत्नी हो चाहे बहन हो चाहे बेटी…हर रूप में वात्सल्य त्याग और ममता की मूरत है। नारी का सम्मान करे।।