देहरादून- 9 अगस्त को पीएम मोदी के सामने उत्तराखंड की इन मांगों को रखेंगे सीएम त्रिवेन्द्र , जानें आपके क्षेत्र को क्या-क्या मिल सकती है सौगात

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देहरादून- न्यूज टुडे नेटवर्क: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत आगामी गुरूवार 09 अगस्त, 2018 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट कर राज्य हित से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं पर चर्चा करेंगे। वहीं सीएम त्रिवेन्द्र विभिन्न विकास योजनाओं के संचालन एवं क्रियान्वयन हेतु केन्द्रीय सहायता प्रदान करने से सम्बंधित योजनावार विस्तृत विवरण भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे। इसके साथ ही सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत आगामी अक्टूबर माह में देहरादून में आयोजित होने वाले इन्वेस्टर मीट में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए पीएम मोदी को आमंत्रित करने का अनुरोध भी करेंगे।

बीते मंगलवार को सीएम आवास में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष रखे जाने वाले राज्य हित से जुडे विषयों पर सम्बंधित विभागों के प्रमुखों के साथ आयोजित बैठक मे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने व्यापक विचार विमर्श किया।

उत्तराखंड की इन मांगों को सीएम त्रिवेन्द्र रखेंगे पीएम मोदी के सामने

आगामी 9 अगस्त को सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पीएम मोदी के सामने जिन विषयों पर चर्चा करेंगे उनमें हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले एवं पूरे वर्ष विभिन्न धार्मिक मेलों तथा करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन के कारण अत्यधिक यातायात दबाव तथा जाम की स्थिति से निजात पाने के लिए गंगा नदी पर कनखल से नीचे जगजीतपुर के निकट एक अतिरिक्त 2.50 किलोमीटर लंबा सेतु बनाये जाने, नीलधारा में घाटों के निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण, संपूर्ण भारतवर्ष एवं उत्तराखंड में पानी के संकट के दृष्टिगत एक नई सीएसएस बनाये जाने, राष्ट्रीय परियोजना घोषित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (600 मेगावाट), लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना (300 मेगावाट) को 90-10 के अनुमात में संचालित करने, बावला नंदप्रयाग जल विद्युत परियोजना (300 मेगावाट), नंदप्रयाग लंगासू जल विद्युत परियोजना(100 मे.वा.) के निर्माण, देहरादून की पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु सौंग डैम पर बांध का निर्माण हेतू 1000 करोड़, हल्द्वानी में बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना हेतु लगभग रु 3000 करोड स्वीकृत करने की मांग करेंगे।

कुंभ मेले के सफल आयोजन से जुड़ी है ये मांग

वर्ष 2021 में होने वाले कुंभ के आयोजन हेतु स्थाई परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने, हिमालयन राज्यों हेतु प्रख्यापित औद्योगिक नीति में ट्रांसपोर्ट सब्सिडी दिये जाने, नैनीताल स्थित एचएमटी की भूमि राज्य सरकार को वापस दिये जाने, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हेतु बीएचईएल की जमीन की उपलब्धता, टनकपुर से पिथौरागढ़-बागेश्वर एवं रामनगर-चौखुटिया रेल मार्ग के साथ ही बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल मार्ग निर्माण के सम्बंध में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से अनुरोध करेंगे।

ईको सिस्टम सर्विसेज (ESS) हो नेशनल एकाउटिंग सिस्टम (NAC) में शामिल

इसके साथ ही राज्य द्वारा राष्ट्र को प्रदान की जा रही ईको सिस्टम सर्विसेज (ESS) को राष्ट्रीय अंकेक्षण प्रणाली (नेशनल एकाउंटिंग सिस्टम) में सम्मिलित किये जाने, इस प्रणाली के अंतर्गत Green deficit States से धनराशि एकत्र कर एक नेशनल एक्सचेंज का सृजन किये जाने, हरित आच्छादन @ESS के अनुसार धनराशि का आवंटन किये जाने तथा जब तक यह प्रणाली सृजित नही होती तब तक उत्तराखंड को 2000 करोड रुपए प्रति वर्ष ग्रीन बोनस दिये जाने का भी अनुरोध मुख्यमंत्री करेंगे। चौखुटिया अल्मोड़ा में नयी हवाई पट्टी बनाने, राज्य में चरक की जन्मस्थली कोटद्वार के समीप अंतरराष्ट्रीय आयुष शोध संस्थान की स्थापना व राज्य के आपदाग्रस्त 350 गांवों के विस्थापन के लिये भी आर्थिक सहयोग का अनुरोध भी मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से करेंगे।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड में रेल सेवाओं के बेहतर विकास एवं सुविधाओं के लिये उत्तराखण्ड को उत्तर रेलवे के अधीन किये जाने का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा ग्रस्त एवं दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन एवं सामान की ढुलाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव आर.के.सुधांशु,अमित नेगी, शैलेष बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. रणजीत सिन्हा सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।