सावधान : 11 अगस्त को घटने वाली हैं एक अनोखी घटना…

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नई दिल्ली – न्यूज टुडे नेटवर्क : इस साल का तीसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 11 अगस्त शनिवार को लगने वाला है। 11 अगस्त को कई तरह के संयोग बन रहे हैं। यह सूर्य ग्रहण सावन महीने के अमावस्या को लग रहा है। इस दिन शनिवार हैं, जिसके कारण इसे शनैश्चरी अमावस्या और इसी दिन हरियाली अमावस्या भी है। 11 अगस्त को त्रिवेणी में नवग्रह यात्रा भी शुरू हो जाएगी। इतने संयोग एक साथ बन रहे हैं। जिसकी वजह से इस दिन का मंत्र सिद्धि और दान-धर्म के लिए बड़ा महत्व है। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के मध्य में आता है, तब यह पृथ्वी पर आने वाले सूर्य के प्रकाश को रोकता है और सूर्य में अपनी छाया बनाता है। इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं।

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ग्रहण का सूतक काल

यह आंशिक सूर्यग्रहण 11 अगस्त 2018 को अश्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि में भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और लगभग 5 बजे समाप्त होगा। भारत में इस आंशिक सूर्यग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू हो जाएगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटा 35 मिनट का होगा। हालांकि यह सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सूतक काल का प्रभाव नही रहेगा।

इन जगहों पर दिखाई देगा सूर्यग्रहण

11 अगस्त को पडऩे वाला साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इस ग्रहण को उत्तरी अमेरिका, उत्तरी- पश्चिमी एशिया, दक्षिण कोरिया, मास्को, चीन आदि देशों में देखा जाएगा।

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ये जरूर करें ग्रहण काल में

11 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण भले ही भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन आकाशमंडल में उपस्थित अन्य ग्रह इससे प्रभावित होंगे। जिसकी वजह से ग्रहों का असर प्रकृति, पर्यावरण और मनुष्यों पर जरूर होगा। इसलिए ग्रहणकाल के समय आप सब दान धर्म जरूर करें। शनैश्चरी अमावस्या होने के कारण इस दिन पवित्र नदी में स्नान करे और गरीबों को भोजन करवाएं या फिर वस्त्रो का दान करें। इसके अलावा नवग्रहों की शांति के लिए नौ प्रकार के अनाज को किसी शिव मंदिर में अवश्य दान करें। ग्रहण के समय पाप करने से बचना चाहिए। गर्भवती स्त्रियों को अपना खास ध्यान रखना चाहिए। सूतक काल के समय मंदिर में प्रवेश करना, भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना, भोजन करना, यात्रा पर जाना, मैथुन क्रिया आदि वर्जित माना गया है।