हरिद्वार- शादी के कार्ड में बीजेपी विधायक ने दिखाई सत्ता की हनक, पब्लिक बोली- ‘माननीय’ आप कब सुधरेंगे ?

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हरिद्वार- सत्ता की हनक क्या होती है और कैसे सत्ता के सुख का इजहार किया जाता है , कोई हरिद्वार के ज्वालापुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक सुरेश राठौर से पूछे। जी हाँ बीजेपी विधायक सुरेश राठौर ने अपनी बेटी की शादी के लिए मेहमानों को बुलाने के लिए जो कार्ड छपवाया है , दरअसल वह अपने आप में सारे भेद खोलने के लिए काफी है।

Mla Uses Logo For Personal Reason BJP MLA Suresh Rathor

10 जनवरी यानि आज होने जा रही इस शादी का जो कार्ड विधायक ने छपवाया है , उसमें सारे नियम कानूनों को दरकिनार करते हुए उत्तराखंड सरकार का लोगो छपवाया गया है। ऐसा तब जबकि यह नियम है कि सरकारी लोगो का निजी कार्यक्रम के कार्ड पर इस्तेमाल गैरकानूनी और आपराधिक है। ऐसे में विधायक की बेटी की शादी का यह कार्ड सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। जिसने भी इस कार्ड को देखा, बीजेपी विधायक को जमकर कोसा। लेकिन विधायक तो ठैरे विधायक तपाक से इस पूरे मामले में खुद को पाक साफ बताने में भी देरी नही की।

मेरा किया अच्छा काम भी देख लिया करो

सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से जब विधायकगीरी वाला ये शादी का कार्ड जब लोगों तक पहुंचा तो जमकर आलोचना हुई। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह शादी सरकारी पैसे से हो रही है, जो इसके साथ राज्य सरकार के लोगो को जोड़ा गया है। सियासत के विपक्षी मित्र कांग्रेसियों ने भी बीजेपी पर सत्ता के दुरूप्रयोग का आरोप लगाया।

Mla Uses Logo For Personal Reason BJP MLA Suresh Rathor

इस सबके बाद जब सवाल विधायक सुरेश राठौर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह एक गरीब परिवार की बेटी की शादी अपनी खुद की बेटी की तरह कर रहे हैं। वह विधायक होने के नाते सरकार का हिस्सा हैं। इसलिए उन्होंने कार्ड पर राज्य सरकार का लोगो लगाया। उन्होंने सवाल किया कि उनका काम किसी को दिखाई क्यों नहीं देता। विधायक ने आगे यह भी कहा है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।

‘माननीय’ आखिर क्यों नही आते हेकड़ी से बाज

आपको बता दें कि शादी के कार्ड में विधायकगीरी झाड़ने का यह कोई पहला मामला नही है। इससे पहले भी कई माननीय ऐसा कर चुके हैं। इससे पहले उत्तराखंड में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के बेटे की शादी का कार्ड भी सुर्खियों में आ चुका हैं। इनके कार्ड में इतनी गलतियां थी कि उसकी जमकर आलोचना हुई थी। आरोप था कि शिक्षामंत्री ने बेटे की शादी के कार्ड बटवाने के लिए विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी तक लगवा दी थी।

खैर हम तो यही कहेंगे कि शादी जैसे पवित्र बंधन को दिखावे से दूर रखना ही ठीक है, वैसे भी ये तो सब जानते ही हैं ‘माननीय’ विधायक जी आप राजनीति के बहुत बड़े सूरमा हैं। अब चाहे अरविन्द पाण्डे हों या फिर सुरेश राठौर…

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